कार सवार दो व्यक्ति व एक महिला दुकान पर आए। महिला और पुरुष अंग्रेजी बोल रहे थे। वेशभूषा भी अंग्रेजों की थी। उन्होंने डालर दिखाते हुए उन्हें बदलने को कहा। डेयरी संचालक का बेटा उन्हें घर ले गया। दो गड्डियों में रखे करीब चार लाख रुपये दिए। आरोपी रुपये लेकर भाग गए।
इगलास कोतवाली पुलिस ने टप्पेबाजी कर ठगी करने में संलिप्त महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। तीनों जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं। इनसे घटना में प्रयोग की जाने वाली एक कार व 41 हजार रुपये बरामद किए गए हैं।
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विदित रहे कि गांव मई निवासी अशोक की गांव में डेयरी है। 28 मई की दोपहर 3:30 बजे कार सवार दो व्यक्ति व एक महिला दुकान पर आए। महिला और पुरुष अंग्रेजी बोल रहे थे। वेशभूषा भी अंग्रेजों की थी। उन्होंने डालर दिखाते हुए उन्हें बदलने को कहा था। डेयरी संचालक का बेटा सतीश दोनों को घर ले गया। दो गड्डियों में रखे करीब चार लाख रुपये दिए। आरोपी रुपये लेकर भाग गए। घटना के बाद युवक ने लूट की सूचना दी थी। सख्ती से पूछताछ में सतीश ने पुलिस को पूरी बात बताई। झूठी सूचना देने का कारण यह था कि पिता और भाई ने डालर बदलने से मना कर दिया था। घटना के संबंध में पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था।
डबल नहर से किए गिरफ्तार
पुलिस क्षेत्राधिकारी राजीव द्विवेदी जानकारी देते हुए बताया कि डॉलर बदलने के नाम पर ठगी करने वाले शातिरों की मुखबिर से सूचना मिली थी। सूचना पर सर्विलांस प्रभारी नरेंद्र सिंह, स्वाट प्रभारी एसआई संदीप कुमार के साथ ही कोतवाली पुलिस सक्रिय हो गई। कस्बा के समीप डबल नहर पुल से दोपहर करीब 12 बजे तीन आरोपियों को पकड़ लिया गया। आरोपियों की पहचान जम्मू-कश्मीर के अलमदार रोड, श्रीनगर हाल निवासी लाजपत नगर कालोनी, नई दिल्ली के इस्माइल अली मोहम्मद पुत्र काजिम इसकी पत्नी फातिमा व बेटे आमिर खान के रूप में हुई है। आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 41 हजार रुपये और घटना के प्रयुक्त कार बरामद की है। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया है।
ऐसे पकड़ में आए ठग
घटना के अनावरण के लिए पुलिस टीम ने लगभग 150 सीसीटीवी हाथरस रोड, मुरसान, खंदौली, बल्देव, रुनकता से होते हुए दिल्ली तक चेक कर इनकी सही लोकेशन की जानकारी की। जानकारी मिलते ही टीम ने अपना जाल बिछा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह ईरानी गैंग के नाम से जाना जाता है। सभी जम्मू कश्मीर से आकर लाजपत नगर दिल्ली बस गए हैं। इनको कुछ समय पूर्व टप्पेबाजी की घटना में छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था। वहां से जमानत पर छूट कर आए हैं। इस गैंग का काम किसी धनी व्यक्ति को फंसाकर ठगना है। कभी 786 नंबर का नोट, कभी डॉलर और कभी कुछ और बहाने से लोगों को ठगते हैं।