‘नोटबंदी’ के तीसरे दिन भी मची रही त्राहि-त्राहि
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पांच सौ और एक हजार के नोट बंद करने के फैसले के बाद अब आम आदमी त्राहि-त्राहि कर उठा है। सुबह से ही बैंकों और एटीएम पर हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी। इस दौरान जमकर धक्का मुक्की हुई और स्थिति को नियंत्रित करने में पुलिस भी जुटी रही।
एटीएम पर लोग भटकते रहे, लेकिन ज्यादातर एटीएम बंद ही रहे। बैंकों के बाहर घंटों लाइन में खड़े लोग इस बात को लेकर परेशान थे कि उनके रोजमर्रा के काम बिना रुपये के कैसे होंगे? कई लोगों का तो यहां तक कहना था कि उनके घर में अब खाने आदि का सामान तक खत्म हो गया है। ऐसे में वह इसका इंतजाम कैसे करेंगे? क्या भूखे पेट सोना पड़ेगा?
दोपहर तीन बजे शहर के एसवी कॉलेज की पीएनबी शाखा में सैकड़ों लोग कतार में लगे थे और लोगों की यह कोेशिश थी कि किसी तरह से वह बैंक में अंदर जाकर रुपया निकाल लाएं।
तीन से सवा तीन सौ करोड़ जमा, 15 करोड़ बदले
नोटबंदी के कारण घर, बाजार से लेकर बैंक तक में भूचाल की स्थिति है। तीसरे दिन भी बड़ी संख्या में लोग नोट बदलने या जमा करने बैंकों में पहुंचे। शनिवार को तीन से सवा तीन सौ करोड़ रुपये जमा होने एवं करीब 15 करोड़ रुपये एक्सचेंज होने की उम्मीद है। कुछ एटीएम चालू होनेे के कारण लोगों को मामूली राहत मिली। हालांकि शनिवार को भी महानगर के अधिकतर एटीएम में नोट नहीं डाले गए। शनिवार को एसबीआई मेन ब्रांच एवं एएमयू ब्रांच समेत अन्य कई बैंकों में हंगामा एवं नोकझोंक की सूचना है। भूखे-प्यासे लाइन में लगे लोग पुलिसकर्मियों की मनमानी के कारण बेहद आक्रोशित दिखे। एसबीआई की मेन ब्रांच में दस, बीस एवं दो हजार के नोट के अलावा दस के सिक्के भी ग्राहकों को दिए गए। शनिवार को कुछ एटीएम से नोट निकले, लेकिन शनिवार को भी महानगर के अधिकतर एटीएम बंद या खाली नजर आए। केनरा बैंक के सहायक महाप्रबंधक मो. आरिफ ने बताया कि आज बैंकों में भीड़ कुछ ज्यादा रही, लेकिन लेन-देन करीब पिछले दिनों की तरह ही रही। बैंक कर्मी तीन से सवा तीन सौ करोड़ रुपये के नोट जमा होने एवं 10 से 15 करोड़ रुपये बदले जाने की संभावना जता रहे हैं।कुछ रुपया जमा कराने के लिए भी आए थे। यहां का एटीएम सुबह से ही बंद था और लोग एटीएम चालू न होने से भी काफी परेशान थे।