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नोटबंदी : डोली से पहले उठी घर के मुखिया की अर्थी

Sat, 26 Nov 2016 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे
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नोटबंदी : डोली से पहले उठी घर के मुखिया की अर्थी - फोटो : ब्‍यूूराे
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नोटबंदी ने एक और जिंदगी को निगल लिया। पौत्री की शादी के सपने संजोए दादा वैवाहिक तैयारियों में जुटे थे। पैसे निकालने के लिए वह दस किलोमीटर दूर बैंक के तीन दिनों से चक्कर लगा रहे थे। रकम न मिल पाने ने इतना मानसिक तनाव बढ़ा कि चौथे दिन बैंक जाने से पहले ही घर की चौखट पर दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई।
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टप्पल थाना क्षेत्र के गांव मानपुर निवासी चिरमोली (65) की पौत्री धर्मवती पुत्री देवचरन की 30 नवंबर को शादी होनी है। परिवार का मुखिया होने के कारण इलाहाबाद बैंक टप्पल के खाते में उन्होंने पौत्री धर्मवती की शादी के लिए पाई-पाई जोड़कर जमा की थी।
शादी की तैयारियों के लिए रुपया निकालने के लिए चिरमोली इलाहाबाद बैंक के चार दिन से चक्कर लगा रहे थे। दिन भर लाइन में लगने के बाद  शाम को बैंक से मायूस लौट आते थे। पुत्र देवीचरन के अनुसार शुक्रवार की सुबह भी उनके पिता बैंक से रुपये निकलने की आस में घर से तैयार होकर चले ही थे कि अचानक दरवाजे पर गिर पड़े। परिजन दौड़कर पास पहुंचे लेकिन प्राण पखेरू उड़ चुके थे।
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अपनी शादी की चिंता में पौत्री बदहवास हो गई। बैंक में खाता चूंकि चिरमोली के नाम था, इसलिए खाते से पैसे निकालने में होने वाली दिक्कत की चिंता भी परिजनों को साल रही थी। परिजनों ने बगैर पुलिस को सूचना दिए शव का अंतिम संस्कार करा दिया।
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