‘‘फिदा शब्द का मतलब तुम न समझ पाओगे, इस फिदा शब्द में बहुत कुछ छुपा हुआ है, गहराई से सोचो तो सब समझ जाओगे..अलविदा’’ संदीप मालान। मृत छात्र संदीप मालान की जेब में मिले एक कागज के टुकड़े पर यह लाइन लिखी मिली है, जिसे पढ़कर खुद ही इकतरफा प्यार की हकीकत समझ में आ रही है। वाक्य के पहले शब्द फिदा को उसने बोल्ड व अंडरलाइन भी किया था। जब यह खत पुलिस ने संदीप की जेब से निकाला तो कॉलेज के प्राचार्य ने डेढ़ साल पुराना वह किस्सा भी पुलिस को बताया कि एक बार छात्रा नेहा ने संदीप की शिकायत की थी और बताया था कि वह उसे परेशान करता है। उस समय संदीप को डांटते हुए सख्त हिदायत दी गई। फिर कभी प्रकरण पर किसी स्तर से कोई चर्चा नहीं हुई।
प्रेम प्रसंग के नहीं िमले साक्ष्य
एसएसपी के अनुसार पुलिस टीम ने सबसे पहले मौके पर पहुंचकर साक्ष्य संकलित करने के साथ-साथ कमरे में मौजूद सभी छात्राओं व क्लास के अन्य छात्रों, गांव आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं से भी पूछताछ की। मगर किसी स्तर से यह तथ्य प्रकाश में नहीं आया कि प्रेम प्रसंग का मामला है। एक तरफा प्रेम का मामला हो सकता है। खुद क्लास रूम में मौजूद छात्राएं यह न समझ पाईं कि संदीप अंदर कब और क्यों आ गया। जब वह नेहा के बराबर आकर खड़ा हुआ तो उसके आने का अहसास हुआ और उसने आते ही कनपटी पर तमंचा सटाकर गोली चला दी। नेहा वहीं गिर पड़ी। यह देख छात्राएं चीख पड़ीं। मगर पलक झपकते ही उसने दूसरा कारतूस लोडकर खुद जान दे दी।
दोनों परिवारों में मचा रहा कोहराम
दोपहर में जैसे ही इस घटना की खबर नेहा व संदीप केे घरों तक पहुंची तो दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। नेहा से छोटी तीन बहनें व एक भाई भी है। सुबह वह अच्छी भली स्कूल गई थी। इसी तरह संदीप भी घर से ठीक-ठाक स्कूल गया था। मगर उसके दिमाग में क्या था किसी को नहीं पता। उसके पास तमंचा कहां से आया। इस बात की जानकारी भी परिजनों को नहीं है। फिलहाल दोनों परिवार गहरे सदमे में हैं। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव परिजनों को सुपुर्द किए गए।
पूर्व में प्यार का इजहार कर चुका था संदीप
जट्टारी। भरतपुर के महाविद्यालय में हुई छात्र-छात्रा की मौत का रहस्य क्षेत्रीय लोगों के बीच बना हुआ है। लड़की पक्ष के कुछ लोगों का कहना है कि संदीप द्वारा पूर्व में प्यार का इजहार करने की शिकायत लड़की ने अपने घर वालों से की थी। वहीं लड़के पक्ष के कुछ लोग स्कूल प्रशासन पर सवाल खड़े करते हुए कहते हैं कि स्कूल में छात्र तमंचा लेकर कैसे चला गया आैर जब एक गोली संदीप ने छात्रा को मार दी तो कमरे में मौजूद परीक्षक ने छात्र को क्यों नहीं पकड़ा, छात्र संदीप द्वारा खुद को गोली मारने पर जमीन पर गिरने के बाद भी संदीप के हाथ से तमंचा क्यों नहीं छूटा। यह िबंदु पुलिस प्रशासन द्वारा जांच के हैं। दोनों परिवारों में से किसी का भी कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
खौफनाक मंजर देखकर रो उठी छात्राएं
जट्टारी। घटना में चश्मदीद चार छात्राएं, दो छात्र और एक शिक्षक है। शिक्षक ललित ने बताया कि अचानक हुई इस घटना से कक्षा में मौजूद सभी लोग दहशत में आ गए। जब तक कुछ समझ पाते संदीप ने खुद को भी गोली मार ली। डर था कहीं संदीप अन्य छात्राओं को भी गोली न मार दे। खौफ का नजारा देखकर सभी विद्यार्थियों को चीख निकल गई। गोली की आवाज सुनकर अन्य लोग भी घटना स्थल पर पहुंचे और पुलिस को इस मामले की जानकारी दी। बहरहाल पुलिस सभी चश्मदीदों से घटना के बारे में लगातार पूछताछ कर रही है। छात्र-छात्राएं वो खौफनाक मंजर को सोचकर रो उठती हैं।