एएमयू की अलुमनाई मीट में आए फिल्म निदेशक अनुभव सिन्हा ने कहा कि भारत पाक के बीच चल रहे माहौल में पाकिस्तानी कलाकारों पर प्रतिबंध लगाने की बात ठीक नहीं है। जिस वक्त सर्जिकल स्ट्राइक हो रही थी, उस समय भी दोनों देशों के बीच चीनी और आलू का व्यापार चल रहा था।
इसके अलावा जिस वक्त पाकिस्तानी कलाकार यहां पर काम कर रहे थे तब यह माहौल नहीं था। उनकी फिल्मों को रिलीज होने देना चाहिए। हालांकि उन्होंने कहा इस समय जो हम और आप यहां पर बैठकर बातचीत कर रहे हैं, वह इसी लिए संभव है कि सीमा पर हमारे वीर जवान मुस्तैदी से तैनात हैं।
उनके शौर्य और साहस को सलाम किया जाना चाहिए। लेकिन जिस तरह की बातें हो रही हैं कि इसे बंद कर दो, उसे बंद कर दो तो यह बातें किसी पान की दुकान, चाय के स्टाल, सड़क, फुटपाथ पर खडे़ होकर फैसला करने का नहीं है। इसके लिए सरकार को फैसला करना है। अगर यही सब है तो पाकिस्तान से सभी प्रकार के संबंध खत्म कर लेने चाहिए। व्यापार बंद कर देना चाहिए। तब तो बात समझ आती है।
अनुभव सिन्हा ने कहा कि उनका सर्जिकल स्ट्राइक पर फिलहाल फिल्म बनाने का कोई इरादा नहीं है। सर्जिकल स्ट्राइक का विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। इसलिए फिल्म भी संभव नहीं है। ओसामा बिन लादेन को पकड़ने के लिए जो फिल्म बनी थी जीरो डार्क थर्टी, उसमें अमेरिका की जो भी ऐजेंसी थी, उसने ब्रीफ किया था।
अनुभव सिन्हा ने एक वाकया बताते हुए कहा कि किन्हीं नेता जी ने एएमयू को टेररिज्म की नर्सरी कहा था। इस बात का सोशल मीडिया पर उन्होंने संयम और तार्किक रूप से जवाब दिया था। उनके जवाब को बहुत सराहा गया था। इस तरह चरमपंथ की बातों का तर्क और संयम के साथ भी जवाब दिया जा सकता है।