देश में कोरोना की दूसरी लहर ने भारी तबाही मचा रखी है, हालांकि बीते कुछ दिनों से लगातार नए मामलों में गिरावट देखी जा रही है लेकिन मौत के आंकड़े अभी भी चिंता का सबब बने हुए हैं। वहीं दूसरी तरफ दिल्ली की सीमाओं पर बीते छह महीने से बैठे किसान अपनी मांगों को लेकर अब भी जस के तस बने हुए हैं। अब तो नए कृषों कानूनों के खिलाफ इस आंदोलन ने सबसे लंबा चलने वाला आंदोलन के रूप में एक रिकॉर्ड भी बना लिया है।
इस आंदोलन को अब तो कई राजनीतिक पार्टियों का समर्थन भी मिल रहा है। जिसके कारण केंद्र सरकार इसे राजनैतिक आंदोलन मान रही, जबकि किसान नेताओं ने इसे सिरे से खारिज करते हुए अपने इस आंदोलन को गैर-राजनीतिक बता रहे हैं। हालांकि कई बार इस आंदोलन में विपक्षी पार्टियों के बड़े-बड़े नेताओं को देखा गया है।
इस आंदोलन के इतने दिनों तक चलने के पीछे की जो सबसे बड़ी सफलता है वह सेवा भाव। आंदोलन के पहले दिन से लेकर अब तक कई ऐसे लोग इससे जुड़े हुए हैं जो टीकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर मौजूद किसानों की देखभाल कर रहे हैं। उनके जोश और जज्बे को बनाए रखने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे ही एक शख्स हैं अभय तिवारी, जो लगातार इस आंदोलन से जुड़े हुए हैं। उनकी पृष्ठभूमि की बात करें तो वह मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस से जुड़े हुए हैं।
तिवारी ने बताया कि वो और उनकी पार्टी लगातार किसानों के लिए लंगर सेवा चलाए हुए हैं। उन्होंने बताया कि वो किसानों के लिए जरूरी सुविधाओं के लिए अपनी टीम साथ रात दिन जुटे हैं। हम जरुरतमंदों को राशन किट से लेकर ऑक्सीजन सिलेंडर और प्लाज्मा डोनेट करवाने तक प्रयासरत रहे हैं।
तिवारी ने कहा कि देश में कोरोना की दूसरी लहर बेहद घातक साबित हुई है। केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि सरकार की घोर लापरवाही के कारण आज देश की जनता का यह हाल हुआ है। जब कोरोना अपनी रफ्तार पर था, तब चुनावी रैलियों का रैला चल रहा था। उसी बात का परिणाम पिछले दो महीनों से पूरा देश भुगत रहा है। तिवारी ने कहा कि संकट के समय में हमेशा हमें केवल स्वार्थपरक राजनीति नहीं करनी चाहिए। जब मौका मिले तो खुले दिल से भी सेवा करनी चाहिए।