होली से पहले अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में सियासी बयानों के रंग बिखरने लगे हैं। होली मिलन समारोह की अनुमति देने से इन्कार करने के बाद 6 मार्च को करणी सेना ने शहर में प्रदर्शन किया और 10 मार्च रंगभरनी एकादशी के अवसर पर कैंपस में होली खेलने का एलान किया है। उधर, एएमयू प्रशासन ने कहा है कि कैंपस में हर साल परंपरागत होली खेली जाती है।
एएमयू में होली खेलने को लेकर सियासी संग्राम छिड़ा है। इसकी शुरुआत तब हुई जब एएमयू के छात्र अखिल कौशल ने एनआरएससी क्लब में नौ मार्च को होली मिलन समारोह आयोजित करने की अनुमति मांगी, लेकिन एएमयू प्रशासन ने अनुमति देने से इन्कार कर दिया। इस मामले को लेकर 6 मार्च को अखिल भारतीय करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता राजा महेंद्र प्रताप पार्क पर एकत्र हुए।
इसकी सूचना पर थाना सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस के साथ सभी कार्यकर्ता भगवा झंडे लेकर जुलूस निकालते हुए कलक्ट्रेट तक पहुंचे और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम सिटी अमित भट्ट को सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि कैंपस में हिंदू छात्रों के साथ भेदभाव किया जाता है। ज्ञानेंद्र सिंह ने एलान किया किया रंगभरनी एकादशी के दिन सैकड़ों कार्यकर्ता कैंपस में हिंदू छात्रों के साथ होली खेलेंगे तथा होली मिलन समारोह भी आयोजित किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि एएमयू में सभी धर्मों को समान अधिकार देना सुनिश्चित किया जाए।
इस मौके पर वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष आशीष चौहान, उमेश कुमार सिंह, वीरू भदोरिया, राजेश वशिष्ठ, सचिन राघव, भास्कर अग्रवाल, आलेख सैनी, संजय जादौन, राकेश ठाकुर, दलबीर सिंह, हरि कृष्ण मुरारी, बीपी सिंह, दीपू सिंह, भूरा ठाकुर, शरद आदि उपस्थित थे।