आरएसएस के अनुसांगिक संगठन राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के संस्थापक इंद्रेश कुमार की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सेमिनार राजघाट नई दिल्ली में 28 दिसंबर को हुई। इसका उद्देश्य भारत के मुसलमानों के हित में वर्तमान सरकार द्वारा किए गए कार्य का उनका मूल्यांकन करते हुए भविष्य की योजनाएं तय करना है। इस सेमिनार में एएमयू के विधि विभाग के पूर्व डीन प्रो. एम शब्बीर भी शामिल हुए।
उन्होंने मुख्य संबोधन किया। जिसमें तीन तलाक में सुधार, अयोध्या राम मंदिर फैसले में मुस्लिम पक्ष को पांच एकड़ जमीन देने के फैसले को सराहा गया। इसको उपलब्धि भी बताया गया। मुसलमानों को हित पहुंचाने वाली दर्जनों योजनाओं की समीक्षा हुई।
इस दौरान नागरिकता संशोधन कानून पर भी बहस हुई। जिसमें सभी को बताया गया कि इस कानून में पाकिस्तान, बंगलादेश और अफगानिस्तान से आए प्रताड़ित लोगों को नागरिकता दी जाएगी। इसमें किसी भारतीय मुसलमान की नागरिकता को कोई खतरा नहीं है।
सेमिनार में मुसलमानों का शैक्षणिक स्तर सुधारने पर जोर दिया गया। जिससे समाज में फैली भ्रांतियों को दूर किया जा सके। मंच के संयोजक शाहिद अख्तर ने इस सेमिनार को सम्पन्न कराया।