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जांच में देश विरोधी नारेबाजी के साक्ष्य नहीं, राजद्रोह की धारा हटी

Tue, 19 Feb 2019 02:07 AM IST
राजेश सिंह न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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AMU
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एएमयू के रजिस्ट्रार आफिस के बाहर 12 फरवरी को हुए झगड़े में भाजपा नेता की तहरीर पर एएमयू छात्र व छात्र संघ पदाधिकारियों के खिलाफ दर्ज किए गए मुकदमे में से राजद्रोह की धारा को हटा लिया गया है। पुलिस को जांच के दौरान राजद्रोह जैसी किसी बात के लिए कोई साक्ष्य नहीं मिला। अन्य धाराएं मुकदमे में यथावत रहेंगी।  
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मुकदमा भाजपा युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष मुकेश सिंह की ओर से दर्ज कराया गया था, जिसमें नदीम अंसारी, जैद शेरवानी, छात्रसंघ सचिव हुजैफा आमिर, उपाध्यक्ष हमजा सूफियान, मो.आमिर, नवेद आलम, छात्रसंघ अध्यक्ष सलमान इम्तियाज, पूर्व अध्यक्ष मशकूर अहमद, आरिफ त्यागी, फरहान जुबैरी, नजमुल साकिब, जकी, रिहान, असद व अन्य अज्ञात एएमयू छात्रों को आरोपी बनाया गया था। इन पर भारतीय दंड विधान की धारा 124 ए (राजद्रोह) के साथ ही अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। 

मुकदमे में कहा गया था कि मुकेश सिंह अपने साथी मनोज शर्मा संग किसी काम से कलेक्ट्रेट जा रहे थे। तभी एएमयू सर्किल पर हमलावर एएमयू छात्रों ने उनकी गाड़ी को देखकर हमला बोल दिया और फायरिंग की। एक गोली उनकी गाड़ी में लगी। बाद में देश विरोधी, भाजपा और पीएम विरोधी नारेबाजी करते हुए हमलावर भाग गए।
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भाजपा नेता पक्ष से विधायक ठा. दलवीर सिंह के पौत्र अजय सिंह पर हमले के संबंध में एक और तहरीर भाजपा मीडिया प्रभारी डॉ.निशित की ओर से दी गई थी। एसएसपी आकाश कुलहरि ने बताया कि इस संबंध में पुलिस ने व्हाट्सएप नंबर जारी किए थे। फोन नंबर जारी किए थे और राजद्रोह संबंधी, घटना संबंधी साक्ष्य उपलब्ध कराने के लिए अपील की थी। साथ ही साक्ष्य देने वाले का नाम और पहचान भी गोपनीय रखने की बात कही थी। मुकदमे में दर्ज धाराओं के संबंध में पुलिस ने गहन विवेचना की। लेकिन इस दौरान देशद्रोह, देश विरोधी नारेबाजी का कोई साक्ष्य नहीं मिला है। 


इंतजामिया हालात न संभाल पाए तो कर दे साइनडाई घोषित : पुलिस
प्रशासन और पुलिस ने एएमयू में 12 फरवरी को हुए घटनाक्रम के बाद बेहद सधे हुए अंदाज में स्थिति को संभाला है। अब जांच में एएमयू छात्रों को देश विरोधी नारेबाजी से भी क्लीन चिट मिली है। अब पुलिस ने एएमयू प्रशासन को पत्र लिखकर कहा है कि वह छात्रों की गतिविधि को कैंपस तक रखना सुनिश्चित करें। अब तक जो हुआ सो हुआ। अब आगे कोई बात हुई तो उसकी जिम्मेदारी एएमयू प्रशासन की होगी। अगर एएमयू इंतजामिया हालात काबू नहीं कर पाती है और कानून व्यवस्था बिगड़ती है तो एएमयू अपने स्तर से साइनडाई घोषित करने की तैयारी कर ले और एएमयू को कुछ समय के लिए बंद कर दे।
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