वैसे तो लापरवाही कहीं भी और किसी के लिए भी नुकसानदेह साबित हो सकती है लेकिन अगर अस्पताल में ऐसा हो जाए तो लेने के देने भी पड़ सकते हैं। जैसे कि अलीगढ़ सीएचसी के तीन डॉक्टरों को पड़े। मामला जल्दबाजी और लापरवाही दोनों का है। लेकिन ऐसी भी जल्दी या लापरवाही क्या कि जीवित इनसान को ही मृत घोषित कर दिया जाए।
वाकया अलीगढ़ सीएचसी का है। वहां एक शख्स को अस्पताल के स्टाफ ने मरा हुआ घोषित कर दिया। जब शिकायत की गई तो सीएमओ ने इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार तीनों डॉक्टरों को हटाकर मुख्यालय भेज दिया।
जानकारी के अनुसार एक व्यक्ति को दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद सीएचसी में भर्ती कराया गया था। उसकी बाइक को किसी मे टक्कर मारी थी जिससे वह दुर्गटनाग्रस्त हो गया। उसे इगलास सीएचसी लाया गया। लेकिन वहां कोई डॉक्टर नहीं मिला। इमरजेंसी में वार्ड ब्वॉय और फार्मासिस्ट ही थे। लेकिन वे इतनी जल्दी में थे कि इलाज के दरम्यान ही उन्होंने घायल को मृत घोषित कर दिया।
मामले की शिकायत इगलास विधायक ने की तो तीनों डॉक्टरों को हटाकर मुख्यालय अटैच कर दिया। दिलचस्प बात यह है कि जिस शख्स को मृत घोषित किया गया था अब उसकी हालत में सुधार है।