कासिमपुर पावर हाउस के बहुचर्चित भाजपा नेता यशपाल सिंह चौहान व उनके भाई अनिल चौहान की हत्या में उम्रकैद की सजा पा चुके सभी नौ दोषियों को हाईकोर्ट से भी झटका लगा है। हाईकोर्ट में उम्रकैद के खिलाफ दायर अपील/जमानत अर्जी पर सभी की जमानत अर्जियां खारिज कर दी गई हैं और अपील पर सुनवाई बरकरार है। बता दें कि इस बहुचर्चित कांड में सभी नौ दोषियों को इसी वर्ष 15 जून को सत्र न्यायालय से उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
जवां थाने में 3 मार्च 2011 को मूल रूप से हरदुआगंज क्षेत्र के गांव बड़ागांव उखलाना निवासी सतीश चौहान की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसमें आरोप था कि उनके बड़े भाई व बरौली सीट से भाजपा के टिकट पर विधायकी लड़ चुके वरिष्ठ भाजपा नेता यशपाल सिंह चौहान, दूसरे भाई अनिल चौहान, भतीजे संकेत व पुष्पेंद्र, परिवार के सदस्य प्रदीप, गाड़ी चालक शिवकुमार संग कासिमपुर पावर हाउस की पीएनबी शाखा में 3 मार्च की दोपहर में रुपये निकालने गए थे।
दोपहर करीब 1:30 बजे बैंक से निकलते समय इन सभी पर हमलावरों ने हथियारों से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से 55 वर्षीय यशपाल सिंह चौहान व 40 वर्षीय अनिल चौहान की मौत हो गई। हमले में दोनों भतीजे पुष्पेंद्र, संकेत के अलावा एक राहगीर विवेक जख्मी हुए।
इस दोहरे हत्याकांड के मुकदमे में मूल रूप से परौरी जहांगीरपुर नोएडा हाल कासिमपुर निवासी सगे भाई अशोक रावत, अवनीश, इनकी मौसी के बेटे बनैल पहासू बुलंदशहर हाल कासिमपुर के प्रमोद राघव, कासिमपुर पावर हाउस के कर्मचारी केशव उर्फ कमलकांत, प्रमोद राघव का मौसेरा भाई मूल रूप से जेवर हाल कासिमपुर निवासी कन्हैया नामजद किए गए।
इसके अलावा पुलिस की विवेचना में प्रमोद राघव के सगे तीन भाइयों पावर हाउसकर्मी अजयपाल उर्फ नेकसे, दिनेश, सतेंद्र व इनके चचेरे भाई कमलू उर्फ कालू के नाम उजागर हुए। इन सभी को साक्ष्यों व गवाही के आधार पर सत्र न्यायालय से उम्रकैद व 53-53 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया था। इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करते हुए जमानत मांगी गई थी। हाईकोर्ट से 28 नवंबर को सभी की जमानत खारिज कर दी गई है।