30 मई 2011 को नामजदों ने पीड़ित के घर पर हमला बोल दिया। साथ में आग लगा दी। मामले में नामजदों के खिलाफ न्यायालय में ट्रायल हुआ। साक्ष्यों व गवाही के आधार पर सभी को सजा सुनाई गई है।
अलीगढ़ में टप्पल के गांव कुराना में पारिवारिक रंजिश में हमला व घर में आग लगाने के नौ दोषियों को पांच-पांच वर्ष की सजा सुनाई है। साथ में 30-30 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड में से पचास फीसदी राशि पीड़ित को देने के आदेश दिए हैं। यह निर्णय एडीजे-6 नवल किशोर सिंह की अदालत से सुनाया गया है।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष के अनुसार यह घटना 30 मई 2011 की है। वादी जहान सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि उनकी बेटी की शादी बाजना के गांव बलवंत नगरिया के बॉबी संग हुई थी। बेटी को ससुराल वाले परेशान करते थे, जिसे लेकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बेटी के जेठ के साथ गांव के ही मनू की बेटी की शादी हुई है। इसे लेकर वह भी रंजिश मानते हैं। इसी रंजिश के क्रम में नामजदों ने उनके घर पर हमला बोल दिया। साथ में आग लगा दी।
इस हमले में परिवार के भूपेंद्र, धीरज, किरन, राजेंद्री, राकेश व खुद जहान सिंह के चोट आई। इस मामले में नामजद किए गए प्रवीन, शिवकुमार, मानू उर्फ मान सिंह, विरमा देवी, हरज्ञान, सुभाष, देवेंद्र, लाला, लोकेश के खिलाफ न्यायालय में ट्रायल हुआ। साक्ष्यों व गवाही के आधार पर सभी को सजा सुनाई है।