अलीगढ़ मंडल की सेवानिवृत्त अपर निदेशक ( स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) तथा पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी की रिपोर्ट निगेटिव है। इससे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने राहत की सांस ली है।
पिछले महीने एडी हेल्थ के पद से सेवानिवृत्त हुई चिकित्सक एवं उनके परिवार के 9 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। एडी हेल्थ के पति गत दिनों कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे। उनका उपचार जेएन मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। वह एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में वरिष्ठ प्रोफेसर एवं एक हॉल के प्रोवोस्ट भी हैं। इसके अतिरिक्त वह एएमयू एग्जीक्यूटिव काउंसिल के सदस्य हैं। उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद मेडिकल कॉलेज से लेकर स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई थी। उनके परिवार के 9 सदस्यों का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया था। बुधवार को परिवार के सदस्यों की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद लोग राहत महसूस कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त 22 से लेकर 25 मई के बीच जेएन मेडिकल कॉलेज में भेजे गए 79 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने एक साथ 79 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आने पर हर्ष व्यक्त किया है ।
मृतक महिला के परिजनों का लिया गया नमूना
कोरोना वायरस की भेंट चढ़ी सराय मानसिंह की 62 वर्षीय महिला के परिवार के पांच सदस्यों का आज स्वास्थ्य विभाग द्वारा नमूना लिया गया। महिला की मौत जेएन मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान 25 मई को हुई थी। अब तक परिजनों का नमूना नहीं लिए जाने से मोहल्ले के लोग बेहद परेशान थे। अमर उजाला के बुधवार के अंक में इससे संबंधित खबर प्रकाशित हुई थी। भाजपा नेता डॉ. राजीव अग्रवाल ने भी परिजनों की जांच कराने की मांग अधिकारियों से की थी। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा नमूना लिया गया है। डॉ. राजीव अग्रवाल ने प्रशासन से मांग की है कि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के परिजनों के नमूने को लेकर स्पष्ट गाइड लाइन होने चाहिए और उसकी सूचना आम आदमी को देनी चाहिए कि गाइड लाइन क्या है। विभाग द्वारा अलग-अलग मापदंड अपनाए जाने से लोग भ्रम में और परेशान हैं। यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि संक्रमित लोगों के परिजनों एवं संपर्क में आए लोगों का नमूना कितने दिन के अंदर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि परेशान लोग स्वास्थ्य विभाग के फोन लगाते हैं तो फोन रिसीव नहीं होता है।