नवजात शिशुओं की पांच रोगों के लिए प्रारंभिक स्क्रीनिंग, जेनिटिक टेस्टिंग और काउंसिलिंग की भी सुविधा होगी। मेडिकल कॉलेज में यह सभी सेवाएं पहली बार उपलब्ध हुई हैं। केंद्र का संचालन सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक होगा।
अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज में 2.12 करोड़ से डीबीटी उम्मीद निदान केंद्र शुरू हो गया है। केंद्र पर गर्भवती महिलाओं की थैलेसीमिया की जांच, जन्मजात विकृतियों और नवजात शिशुओं की पांच रोगों की निशुल्क स्क्रीनिंग की सुविधा होगी।
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निदान केंद्र में मरीजों के लिए कई विशेष सेवाएं उपलब्ध की गई हैं। नवजात शिशुओं की पांच रोगों के लिए प्रारंभिक स्क्रीनिंग, जेनिटिक टेस्टिंग और काउंसिलिंग की भी सुविधा होगी। मेडिकल कॉलेज में यह सभी सेवाएं पहली बार उपलब्ध हुई हैं। केंद्र का संचालन सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक होगा। उन्नत तकनीकों और व्यापक सुविधाओं के साथ डीबीटी निदान केंद्र जल्द ही जेनेटिक रोगों के लिए क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित होगा, जो दुर्लभ बीमारी की पहचान, देखभाल और जन-जागरूकता को मजबूत करेगा।
कुलपति प्रो. नइमा खातून ने निदान केंद्र की स्थापना को शोध आधारित चिकित्सकीय सेवाओं, सामुदायिक पहुँच और दुर्लभ रोगों के शुरुआती पता लगाने की दिशा में बड़ा कदम बताया। भारत सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी (डीबीटी) के सहयोग से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जेनेटिक डायग्नोस्टिक्स और मातृ शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति माना जा रहा है।
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परियोजना समन्वयक प्रो. तमकीन खान, प्रो. जेबा जका-उर-रब, मेडिकल जेनेटिक्स विभाग, एमएएमसी की निदेशक प्रो. सीमा कपूर, साइंटिस्ट एमेरिटस आईसीएमआर प्रो मधुलिका काबरा, प्रो. कौशिक मंडल एसजीपीजीआई ने कहा कि केंद्र में मरीजों को बेहतर सुविधा मिलेगी। यहां डॉ. आयशा अहमद, डॉ. गुलनाज नादरी, प्रो. हामिद अशरफ, डॉ. मेहंदी हयात शाही, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की अध्यक्ष प्रो. जहरा मोहसिन मौजूद रहीं।