जिले की रोडवेज बसों में इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन (ईटीएम) का नेटवर्क इन दिनों यात्रियों और परिचालकों के लिए सिरदर्द बन गया है। कई बार सफर के दौरान ऑनलाइन भुगतान करते समय नेटवर्क चले जाते हैं। ऐसे में मशीन से टिकट जारी नहीं होती है। भुगतान होने पर यात्री व परिचालक में बहस हो जाती है।
हाथरस डिपो के परिचालकों का कहना है कि मशीन में नेटवर्क समस्या के कारण कई बार यात्रियों के साथ बहस और विवाद की स्थिति बन जाती है। यात्री टिकट का ऑनलाइन भुगतान दिखाते हैं, लेकिन सिस्टम टिकट जनरेट नहीं करता। यात्रियों का कहना है कि रोडवेज डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दे रहा है, लेकिन मशीनों में नेटवर्क की समस्या सामने आ रही है। एआरएम हाथरस डिपो प्रदीप यादव का कहना है कि ऐसा सामान्य रूप से नहीं होता, कभी-कभी अगर ऐसा होता है। हालांकि यात्री का भुगतान वापस आ जाता है। इसमें करीब 72 घंटे का समय भी लग जाता है।
रोडवेज को अपना डिजिटल सिस्टम को बेहतर करना चाहिए, जिससे नेटवर्क की दिक्कत के समय भी भुगतान आदि को लेकर समस्या न हो। - कमला शंकर शर्मा, यात्री।
रेलवे ने ऑनलाइन भुगतान के लिए अच्छी व्यवस्था कर रखी है। उसी तरह रोडवेज को भी अपने सिस्टमों में सुधार करने की जरूरत है। - कृष्ण कांत, यात्री।