आरोपी मोनू और रफल सिंह ने तहसील बुलाकर पहले से तैयार कागजातों पर अनपढ़ जमीला बेगम के अंगूठे के निशान लगवा लिए और हाथ में सिर्फ 20,000 रुपये थमा दिए। बाकी 80,000 रुपये जल्द घर पहुंचाने की बात कही गई।
अलीगढ़ के बन्नादेवी थाना क्षेत्र में पैसों की मदद के नाम पर एक महिला के साथ धोखाधड़ी की गई। अनपढ़ और सीधी-साधी महिला को उसके ही सगे भांजे ने ठगी का शिकार बनाया।
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नगला आशिक अली की रहने वाली जमीला बेगम को एक लाख रुपये की सख्त आवश्यकता थी। पीड़िता की सगी बहन के बेटे (भांजे) मोनू ने उसे कम ब्याज पर पैसे दिलाने का झांसा दिया और अपनी जान-पहचान के रफल सिंह नाम के व्यक्ति से मिलवाया। घटना 27 जून 2025 की है। आरोपी मोनू और रफल सिंह ने तहसील बुलाकर पहले से तैयार कागजातों पर अनपढ़ जमीला बेगम के अंगूठे के निशान लगवा लिए और हाथ में सिर्फ 20,000 रुपये थमा दिए। बाकी 80,000 रुपये जल्द घर पहुंचाने की बात कही गई।
जब हफ्ता बीतने पर पीड़िता ने बाकी के पैसे मांगे, तो आरोपी मोनू भड़क गया और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद जब पति ने तहसील जाकर छानबीन की, तो पैरों तले जमीन खिसक गई। पता चला कि आरोपियों ने धोखे से मकान का फर्जी और कूटरचित इकरारनामा अपने नाम करा लिया है।
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पीड़िता ने जब स्थानीय चौकियों और थानों के चक्कर काटे लेकिन सुनवाई नहीं हुई, तो उसने मुख्यमंत्री पोर्टल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को रजिस्ट्री के जरिए गुहार लगाई। सी ओ धनंजय कुमार के मुताबिक कोर्ट के आदेश पर थाना बन्नादेवी में आरोपियों मोनू और रफल सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।