फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रोडवेज बस के सफर में न सोशल डिस्टेंसिंग और न थर्मल स्क्रीनिंग

विज्ञापन
अलीगढ़ से लखनऊ जा रही रोडवेज बस में खड़े होकर सफर तय करते यात्री। - फोटो : CITY OFFICE
विज्ञापन
राजा तिवारी
विज्ञापन

अलीगढ़। कोरोना संक्रमण काल में अनलॉक वन में रोडवेज विभाग की बस उत्तर प्रदेश में सफर तय कर रही हैं। लेकिन इन बसों के अंदर यात्रा के दौरान लापरवाही बरती जा रही हैं। रास्ते में चढ़ने वाली सवारियों की थर्मल स्क्रीनिंग नहीं हो रही है। इसके अलावा खड़े होकर भी सवारियां सफर तय कर रही है। इससे कुल मिलाकर कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है।
अनलॉक वन में सशर्त नियमों के साथ छूट दी गई है। इसके तहत लोगों को सामाजिक दूरी बनाते हुए मास्क पहनना आवश्यक है। रोडवेज बसों में सफर के दौरान सवारियों के आधार कार्ड, आरोग्य सेतु एप की जांच और थर्मल स्क्रीनिंग के दिशा-निर्देश हैं। शुक्रवार को अमर उजाला ने इसकी पड़ताल की। अलीगढ़ से लखनऊ के लिए दोपहर में यूपी 87 टी 1984 नंबर की बस रवाना की गई। डिपो में सवारियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद बस चली तो रास्ते में जगह-जगह रोकी गई। सवारियों को बैठाया गया। इस दौरान उचित दूरी के नियमों की धज्जियां उड़ती रहीं। इतना ही नहीं, रास्ते में किसी भी सवारी की थर्मल स्क्रीनिंग नहीं हुई। वहीं, सीटें भरी होने के बावजूद सवारियों को बस में चढ़ाया गया। लोग तो खड़े होकर सफर तय करते रहे।
विज्ञापन

मंडलभर में चल रही हैं 325 बस
रोडवेज विभाग द्वारा अलीगढ़ मंडल से 325 बसों का संचालन किया जा रहा है। इन दिनों विभाग की 24 से 25 लाख रुपये औसतन कमाई हो रही है। ये बसें गाजियाबाद, नोएडा, सहारनपुर, मेरठ, कौशांबी, लखनऊ, कानपुर, आगरा, मथुरा, वृंदावन, कासगंज, बरेली, बदाऊं, पीलीभीत, एटा, हाथरस की तरफ दौड़ रही हैं।
छह जोड़ी ट्रेन में चढ़ रहे हैं तकरीबन 300 यात्री
अलीगढ़ में छह जोड़ी ट्रेनों का स्टापेज हो रहा है। विभागीय अधिकारियों ने बताया की औसतन प्रतिदिन अलीगढ़ से 300 सवारियां ट्रेन में अपने गंतव्य के लिए चढ़ रही हैं।
विज्ञापन

सभी परिचालकों को निर्देश दिए हैं कि वह किसी भी सूरत में तय सीट से अधिक सवारियां न बैठाएं। अगर इस तरह शिकायत आती है तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा रूटों पर चेकिंग भी की जाएगी। थर्मल स्क्रीनिंग व्यवस्था सिर्फ डिपो पर ही संभव है। रास्ते में थर्मल स्क्रीनिंग कराने के लिए शासन से थर्मामीटर उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
-परवेज खान, आरएम।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें