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नेहरू ने ही राष्ट्र निर्माण का कार्य शुरू किया, बोले प्रो. इरफान हबीब

Fri, 15 Nov 2019 02:49 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़
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Prof. Irfan Habib
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स्वाधीन भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिवस के अवसर पर बृहस्पतिवार को रामघाट रोड स्थित विजडम पब्लिक स्कूल (सीनियर विंग) में ‘नेहरू के सपनों का भारत’ विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। 

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सेमिनार में मुख्य वक्ता प्रसिद्ध इतिहासकार प्रो. इरफान हबीब ने कहा कि नेहरू अपने समय के बेहद संपन्न परिवार से ताल्लुक रखते थे। इसके बावजूद उन्होंने वैभवशाली जीवन छोड़कर देश के स्वाधीनता संग्राम में भाग लिया। 

इस दौरान वे लगभग 14 वर्ष जेल में रहे, जोकि एक मिसाल है। देश जब आजाद हुआ तो देश में कुछ भी नहीं था। अंग्रेजों ने देश को खोखला कर दिया था। प्रधानमंत्री बनते ही नेहरू ने देश की और देश की जनता की आवश्यकताओं को देखा और उनको पूरा करने के लिए जुट गए। 
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रक्षा क्षेत्र, औद्योगिक क्षेत्र, शिक्षा क्षेत्र, कृषि क्षेत्र सहित सारी आवश्यकताओं को पूरा करने के कार्य प्रारंभ कर दिया। बड़े-बड़े इस्पात संयंत्र सेना के लिए वैजयंत टैंक बनाने वाली फैक्टरी और वायुसेना के लिए लड़ाकू विमान बनाने के लिए हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स फैक्टरी के साथ-साथ कृषि की पैदावार बढ़ाने व नये शिक्षण संस्थान खोले जाने व पुराने संस्थानों को आधुनिक बनाने के कार्य जोर शोर से शुरू किया गया। 

उन्होंने अपनी विदेश नीति को इस प्रकार बनाया कि भारत के हित सुरक्षित रहें। वह विश्व के एक मात्र नेता थे जिसका तालमेल पूरे विश्व के नेताओं से था।  कार्यक्रम में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव विवेक बंसल ने कहा कि देश के अंदर कोई भी ऐसा राजनेता नहीं है जिसके किसी परिवारीजन ने देश की आजादी की लड़ाई के दौरान एक दिन भी जेल में काटी हो। 

नेहरू का पूरा परिवार देश के स्वाधीनता संग्राम के दौरान जेल में था। ऐसा कोई अन्य उदाहरण देखने को नहीं मिलता। उन्हें बच्चों से बहुत प्यार था, जिसके चलते उन्हें चाचा भी कहा जाता है। वर्तमान समय में कुछ लोग इन दोनों नेताओं के बीच मतभेदों के मनगढ़ंत किस्से प्रसिद्ध कर रहे हैं, जो कि सरासर झूठे हैं। इन नेताओं के बीच काफी तालमेल था। दोनों एक दूसरे का सम्मान करते थे। 

इस अवसर पर स्कूल के चेयरमैन प्रमोद गुप्ता, डायरेक्टर अनूप गुप्ता, इंजीनियर केसी शर्मा, डॉ. मो. अफजाल खान, डॉ. नजमुद्दीन अंसारी, सुबोध नंदन शर्मा, डॉ. महंदी हयात शाही, सोहेल अख्तर, डॉ. ओमवीर सिंह, अशोक गुप्ता, दिलशाद हुसैन, माया गुप्ता, विजय लक्ष्मी सिंह, सागर सिंह तोमर, पिंकू बघेल आदि थे।

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