राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी कार्य समिति द्वारा इस वर्ष प्रतिष्ठित नीरज-शहरयार पुरस्कार क्रमश: लखीमपुर खीरी के साहित्यकार सुरेश कुमार शुक्ल ‘संदेश’ तथा मुजफ्फरनगर के इं. मो. अरशद जिया को उनके गजल संग्रह ‘दस्तक’ के लिये दिया गया।
प्रदर्शनी गेस्ट हाउस के सभागार में आयोजित सम्मान समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्रभारी जिलाधिकारी एवं एडीएम सिटी अवधेश कुमार तिवारी ने कहा कि इस बार आई हिंदी व उर्दू साहित्य की प्रविष्टियों में उत्कृष्ट साहित्यकारों का चयन केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा तथा जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय, दिल्ली के विशेषज्ञों द्वारा निर्धारित किया गया था।
इसके उपरांत प्रदर्शनी कार्यकारिणी ने नीरज-शहरयार पुरस्कार के लिये हिंदी साहित्य के क्षेत्र में लखीमपुर खीरी के साहित्यकार सुरेश कुमार शुक्ल ‘संदेश’ को उनकी रचना ‘मैं मछली हूं’ तथा उर्दू साहित्य क्षेत्र में मुजफ्फरनगर के इं. मो. अरशद जिया को उनके गजल संग्रह ‘दस्तक’ के लिये सम्मानित करने का निर्णय लिया। नीरज-शहरयार पुरस्कार ग्रहण करने वाले दोनों साहित्यकारों को प्रशस्ति पत्र एवं एक लाख एक हजार रुपये की धनराशि दी गई।
प्रदर्शनी कार्यकारिणी सदस्य एवं नगर विधायक जफर आलम ने नीरज-शरहयार पुरस्कार को अलीगढ़ की तहजीब व आपसी सौहार्द का परिचायक बताया। कार्यक्रम का संचालन राकेश सक्सेना ने किया तथा सामान्य मंत्री व तहसीलदार कोल एसपी वर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया।
इस मौके पर आईएएस एवं एसडीएम कोल प्रवीण कुमार लक्षकार, रामसूरत पांडेय, प्रशिक्षु एसडीएम रिजवाना, अशोक सक्सेना, पंकज धीरज, जावेद सईद, अहमद सईद सिद्दीकी, गयाप्रसाद गिर्राज, डॉ. मुदस्सिर अली, पिंकी भाटिया, विष्णु कुमार बंटी, मुबीन खान, सुरेश गोविल, सरदार दलजीत सिंह, हेमंत जैन, संजीव सक्सेना आदि मौजूद रहे।