अस्थियां चुनने के बाद घर पहुंचे नीरज के बेटे की तबियत खराब
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पद्मभूषण गोपालदास नीरज की अस्थियां नुमाइश मैदान स्थित शमशान गृह से सोमवार सुबह चुनी गईं। बेटे गुंजन और पौत्र पल्लव संग परिजनाें और परिचिताें ने अस्थियां चुनी। अस्थियां चुनते वक्त नीरज जी के बेटे गुंजन और उनके पौत्र पल्लव की आंखें डबाडबा गईं।
कुछ वक्त तक दोनों पिता पुत्र यादों में खोए रहे। परिजनों के जाने के बाद नीरज के अगाध प्रेम से बंधे कुछ अन्य लोग भी वहां पहुंचे और राख को अपने साथ ले गए। इन लोगों ने कहा कि एक ज्ञानी पुरुष की अंतिम निशानी के रूप में अपने पास रखेंगे। बीते गुरुवार को गोपालदास नीरज का दिल्ली स्थित एम्स में निधन हो गया था। शनिवार को उनका अंतिम संस्कार नुमाइश मैदान स्थित शमशान गृह में किया गया।
अब उनकी अस्थियों का विसर्जन हरिद्वार स्थित गंगा तट पर मंगलवार या बुधवार को होगा। अस्थियां चुन कर घर पहुंचने के बाद गुंजन की तबियत खराब हो गई। उनको हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत हो गई थी। डाक्टरों ने उनको आराम करने की सलाह दी है। नीरज जी के करीबी नासिर अब्बास, राकेश सक्सेना और अशोक सक्सेना ने बताया कि रीति रिवाज के अनुसार सभी संस्कार तयशुदा वक्त में कराए जाएंगे।
पहली अगस्त को होगा तेरहवीं संस्कार पहली अगस्त को नीरज का त्रयोदशी संस्कार होना तय हो रहा है। जिसमें रीति रिवाज के अनुसार कर्मकांड उनके जनकपुरी स्थित आवास पर होगा और बाकी का प्रसाद वितरण बाहर किसी गेस्ट हाउस में किया जाएगा।
अभी परिवार में उक्त दोनों कार्यक्रमों को लेकर मंथन हो रहा है। लेकिन त्रयोदशी कार्यक्रम पहली अगस्त को ही होगा। नीरज जी के पोते पल्लव नीरज ने बताया कि अभी सभी लोगों से इस बारे में रायशुमारी की जा रही है एक दो दिन में ही सब कुछ तय हो जाएगा।