मैरिस रोड पर नीरजजी की अंतिम यात्रा में शामिल वाहनों की लगी कतार।
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मशहूर गीतकार पद्मभूषण गोपाल दास ‘नीरज’ का शनिवार को राजकीय सम्मान और विधि विधान के साथ नुमाइश मैदान स्थित श्मशान गृह में अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके बेटे मिलन प्रभात गुंजन, शशांक प्रभाकर, अरस्तु और पौत्र पल्लव नीरज ने उन्हें सामूहिक रूप से मुखाग्नि दी। परिजनों की इच्छा पर उनकी देह का जेएन मेडिकल कालेज को दान नहीं किया गया।
इससे पूर्व उनके पार्थिव शरीर को एम्स से पहले आगरा और फिर अलीगढ़ में उनके जनकपुरी स्थित आवास पर लाया गया। आवास से कृष्णांजलि नाट्यशाला तक बड़े जुलूस की शक्ल में नीरज के पार्थिव शरीर को उनके गानों के साथ लाया गया। यहां एक घंटे तक शव को अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया।
यहां प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि के रूप में प्रदेश के दुग्ध विकास मंत्री चौ. लक्ष्मी नारायण सहित अन्य गणमान्य जनों व हजारों प्रशंसकों ने उन्हें अपनी श्रद्धांजलि देकर कामना की कि ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे। दुग्ध विकास मंत्री ने भरोसा दिलाया कि नीरज के साहित्य जगत में योगदान को देखते हुए उन्हें भारत रत्न दिए जाने की मांग करेंगे।
इसके बाद नुमाइश मैदान स्थित श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इसके बाद बारिश हुई। मौजूद लोग कह उठे कि नीरज की अंतिम विदाई पर आसमान भी रो रहा है। इस मौके पर जिले की सभी राजनीतिक, सामाजिक, कारोबार-उद्योग और अन्य क्षेत्रों से जुड़ी दिग्गज हस्तियां मौजूद थीं।
जिला प्रशासन की ओर से नीरज को श्रद्धांजलि देने के लिए कमिश्नर अजय दीप सिंह, डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह, डीएम चंद्रभूषण सिंह और एसएसपी अजय कुमार सहानी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।