13 जुलाई 2023 की रात नरेंद्र सिंह पर हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। गोली लगने से नरेंद्र गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर गिर पड़े। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया था।
अलीगढ़ में नगला दरबार के नरेंद्र सिंह हत्याकांड में एंटी करप्शन कोर्ट में सोमवार को अभियोजन और बचाव पक्ष की बहस पूरी हो गई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुनाने के लिए छह अक्तूबर की तारीख तय की है।
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13 जुलाई 2023 की रात नरेंद्र सिंह पर हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। गोली लगने से नरेंद्र गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर गिर पड़े। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद नरेंद्र के परिजनों की ओर से पूर्व प्रधान गीतम की पत्नी सोनिया, उसके तीन बेटों करन, अर्जुन और अंकित के अलावा अरविंद और दीपू पंडित को नामजद किया गया था। पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद सभी छह आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया।
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मुकदमे की सुनवाई के दौरान हत्याकांड के पीछे लंबे समय से चली आ रही रंजिश का मामला सामने आया। वर्ष 1995 में नरेंद्र के बाबा और तत्कालीन ब्लॉक प्रमुख चोब सिंह की हत्या हुई थी। इस मामले में प्रधान गीतम को नामजद किया गया था।
इसके बाद वर्ष 2010 में गीतम की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले में नरेंद्र और उसके भाई उदयवीर को आरोपी बनाया गया था। अधिवक्ता के मुताबिक वर्ष 2015 में गीतम हत्याकांड के एक आरोपी कुशल की भी हत्या हो गई। इसी पुरानी रंजिश के चलते नरेंद्र की हत्या किए जाने का आरोप है।