कार्ड से सामने आई म्यांमार की नागरिकता
एसपी सिटी आदित्य बंसल ने बताया कि यूएनएचसीआर कार्ड छायाप्रति पर रिजवान निवासी रायमेबिल, थाना मोंगडू, जिला मोंगडू, रखाइन प्रांत, म्यांमार की राष्ट्रीयता अंकित थी। आरोपी के मोबाइल फोन की जांच की गई तो उसकी गैलरी में भारतीय पासपोर्ट और पैन कार्ड की फोटो मिली है। पासपोर्ट पर रफीक पुत्र जावेद खान का नाम व अलीगढ़ का पता दर्ज था। पैन कार्ड भी इसी नाम से बना हुआ है।
आरोपी ने पूछताछ में खुद को म्यांमार के रखाइन प्रांत का निवासी बताया। वह वर्ष 2013 में म्यांमार से बांग्लादेश के रास्ते एक दलाल के माध्यम से भारत आया था। अलीगढ़ आने के बाद वह एक मीट फैक्टरी में काम करने लगा। वहां उसके साथ एक अन्य रोहिंग्या युवक काम करता था। उसकी मदद से आरोपी ने पहले अलीगढ़ के पते पर रफीक के नाम से आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवाया। इसके बाद इसी नाम से भारतीय पासपोर्ट हासिल किया। पासपोर्ट का इस्तेमाल कर आरोपी ने दुबई और सऊदी अरब की यात्रा की और वहां कुछ समय नौकरी भी की। बाद में डर के कारण उसने पासपोर्ट जला देने और बांग्लादेश चले जाने की बात स्वीकार की है।
करीब एक महीने पहले वह दोबारा भारत आया और अलीगढ़ में बैंक खाते से जुड़े काम के लिए पहुंचा। आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना बांग्लादेश में रहने वाली उसकी बहन को दी गई है। चूंकि आरोपी मूलत: म्यांमार का नागरिक है, इसलिए उसकी गिरफ्तारी की सूचना नियमानुसार संबंधित स्तर पर अलग से भेजी गई है।