जांच में सामने आया प्रेम संबंध का मामला
पुलिस जांच में सामने आया कि राजेश देवी की पहचान निर्माण कार्य के दौरान आरोपी रईस से हुई थी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बाद में प्रेम संबंध बन गए। जांच के अनुसार महिला आरोपी पर साथ रहने का दबाव बना रही थी। इसी विवाद के चलते आरोपी ने हत्या की साजिश रची।
इस तरह दिया गया वारदात को अंजाम
जांच में सामने आया कि बकरीद के दिन महिला ने आरोपी को सलेमपुर बुलाया। इसके बाद दोनों महिला के बेटे के साथ चरथावल क्षेत्र पहुंचे। एक खेत में बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया। आरोप है कि आरोपी ने पहले महिला की हत्या की और बाद में घटना का गवाह बने बच्चे को भी ईंट से वार कर मौत के घाट उतार दिया। वारदात के बाद दोनों शव जंगल में छोड़ दिए गए।
नौ गवाहों के बयान से दोष सिद्ध
पुलिस ने 11 दिसंबर 2011 को आरोपी को गिरफ्तार किया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने नौ गवाह पेश किए। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया। दोष सिद्ध होने के बाद शनिवार को उसे मृत्युदंड की सजा सुनाई गई।
अदालत की गवाहों को लेकर सख्त टिप्पणी
फैसले के दौरान अदालत ने गवाहों के पक्षद्रोही होने की प्रवृत्ति पर भी चिंता जताई। न्यायालय ने कहा कि प्रभावशाली मामलों में गवाहों के मुकरने से न्याय व्यवस्था पर लोगों का विश्वास प्रभावित होता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि कोई गवाह न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के उद्देश्य से अपने बयान से पलटता है तो न्यायालय मूकदर्शक नहीं रह सकता।
दूसरे हत्या मामले में भी जेल में बंद है दोषी
अदालती अभिलेखों के अनुसार आरोपी वर्तमान में एक अन्य हत्या के मामले में भी जेल में बंद है। उस पर अपनी पत्नी की हत्या का आरोप है और वह उसी प्रकरण में न्यायिक अभिरक्षा में है।