साल के जाते-जाते सर्दी और कोहरा पूरे जोरों पर है। सुबह से शाम तक मौसम में धुंध और कोहरा छाया रहता है, जिससे खेतों में कामकाज प्रभावित हो रहा है। किसानों को कोहरे के साथ पाले की भी आशंका सता रही है। कोहरे से जहां लाहा (सरसों) को नुकसान है लेकिन गेहूं को फायदा है, लेकिन पाले की आशंका ने आलू किसानों की नींद उड़ा दी है।
किसानों के अनुसार कोहरे के कारण लाहा के दानों में नमी भर जाती है, जिससे दाने खराब हो जाते हैं और कई बार पेड़ पर केवल लकड़ी ही शेष रह जाती है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। दूसरी ओर कुछ किसानों का कहना है कि कोहरा आलू और गेहूं की फसल के लिए आंशिक रूप से लाभकारी भी हो सकता है, बशर्ते मौसम ज्यादा खराब न हो। अतरौली के किसान मानी चौधरी, पप्पू सिंह, सतवीर सिंह आदि ने बताया कि कोहरे के कारण सरसों का सर्दी के कारण फूल झड़ने लगा है, जो पैदावार पर असर डालेगा। वहीं गेहूं की फसल में फायदा है। आने वाले समय में पाला गिरने से आलू की फसल के लिए नुकसान की आशंका को देखते हुए किसान चिंतित हैं।
सर्दी लेती है किसानों का इम्तिहान
सर्दी का मौसम किसानों के लिए एक कड़ा इम्तिहान बन जाता है। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच किसान दिन-रात खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं। फसलों को पाले, कोहरे से बचाने के लिए उन्हें अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ रही है। कुल मिलाकर, मौसम के इस बदले मिजाज ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
-बोले किसान-
लाहा की फसल अगाई होती हैं उन में कोहरे से नुकसान होता है किंतु को गेहूं के लिए फायदेमंद होता है। शांति शर्मा, गांव कूबरा।
कोहरे से लाहा की फसल में नुकसान होगा। बारिश और पाला पड़ा तो फसलों को नुकसान हो सकता है। राधा मोहन गांव नसीटी।
बारिश का मकर संक्रांति के बाद का योग है किंतु अगर बारिश होती है तो लाहा में ही अधिक नुकसान होगा। यादराम गांव नसीटी