मुझे संस्कृत पढ़ना अच्छा लगता है। आदि शंकराचार्य पर शोध कर रही हूं। मुझे संस्कृत में ही कॅरिअर बनाना है।
-नगमा शाहिद, शोधार्थी
कर्मकांड, श्रीमद्भागवत, रामायण, उपनिषद पढ़ने में कोई दिक्कत नहीं है। यह भी अन्य भाषा की तरह एक भाषा है।
-सानिया जावेद, छात्र, एमए
पहले प्रयास में संस्कृत में जेएआरएफ नेट में सफल रहा हूं। हर भाषा पढ़नी चाहिए, क्योंकि इससे ज्ञानवर्धन होता है।
-फजले अहमद, छात्र, एमए
संस्कृत में भी भविष्य है। इसलिए संस्कृत की पढ़ाई कर रहे हैं। संस्कृत भाषा भी रोजगार के द्वार खोल रही है।
-विशाखा, शोधार्थी
जो पढ़ रहे हैं, सभी मेरे लिए विद्यार्थी हैं। इन विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा मिले इस पर मेरा पूरा फोकस है। बीए, एमए, पीएचडी में 50 फीसदी मुस्लिम विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।
-प्रो. सारिका वार्ष्णेय, विभागाध्यक्ष, संस्कृत विभाग, एएमयू
परास्नातक में विद्यार्थियों की संख्या
| वर्ष |
कुल विद्यार्थी |
छात्र |
छात्रा |
| 2021-22 |
8 |
3 |
5 |
| 2022-23 |
7 |
1 |
6 |
| 2023-24 |
4 |
1 |
3 |
| 2024-25 |
13 |
6 |
7 |
| 2025-26 |
17 |
10 |
7 |
इस साल नए कोर्स शुरू
डा. हेमबाला ने बताया कि इस साल संस्कृत विभाग में भारतीय ज्ञान प्रणाली के प्रकाश में संस्कृत ग्रंथ, भारतीय ज्ञान प्रणाली में विधि और न्याय का सिद्धांत, कौटिल्य अर्थशास्त्र का सिद्धांत, महान महाकाव्य, योगा व तनाव प्रबंधन, गीता व तनाव प्रबंधन, गीता में जीवनशैली का प्रबंधन, चाणक्य सूत्र में सामाजिक व राजनीतिक सिद्धांत कोर्स शुरू हुए हैं।