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Hathras News: हत्यारे पति को आजीवन कारावास, दूसरी महिला संग मिलकर हत्या का था आरोप

Sat, 07 Oct 2023 01:05 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

पिता को तीन नवंबर 2021 की सुबह करीब आठ बजे सूचना मिली कि पत्नी को फांसी लगाकर पति व एक नामजद महिला ने मार दिया है। पति के उस महिला से संबंध थे। पहले कई बार उनकी पुत्री ने शिकायत की थी कि उनके घर में एक महिला का आना जाना है तथा उसके संबंध है।
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आजीवन कारावास सजा - फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
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अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या दो त्रिलोकपाल सिंह के न्यायालय ने पत्नी की हत्या के आरोपी पति को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।

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अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव वाहनपुर निवासी गजराज सिंह ने थाने में तीन नवंबर 2021 को तहरीर दी थी। तहरीर में उन्होंने कहा था कि उन्होंने अपनी पुत्री सीमा की शादी 13 फरवरी 2007 को सुदेश कुमार पुत्र भगवान सिंह निवासी मितनपुर हाल निवासी राजपाल कॉलोनी हाथरस जंक्शन के साथ की थी। तीन नवंबर 2021 की सुबह करीब आठ बजे सूचना मिली कि सीमा को फांसी लगाकर सुदेश कुमार व एक नामजद महिला ने मार दिया है।

सुदेश के उस महिला से संबंध थे। पहले कई बार उनकी पुत्री ने शिकायत की थी कि उनके घर में एक महिला का आना जाना है तथा उसके संबंध है। इस कारण सुदेश मुझे मारते-पीटते हैं। काफी समझाया पर सुदेश ने कह दिया कि मैं उस महिला को नहीं छोड़ सकता हूं। चाहे सीमा को मारना पड़े। वह सूचना पाकर मौके पर पहुंचा तो पुत्री सीमा मृत अवस्था में मिली।
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वहां काफी लोगों ने बताया कि सीमा को फांसी लगाकर मार दिया है। इस मामले में थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचक ने इस मामले में विवेचना करते हुए सुदेश व नामजद महिला के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल कर दिया। इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या दो त्रिलोकपाल सिंह के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत पति सुदेश को दोषी करार दिया।

न्यायालय ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने इस मामले में आरोपी महिला को दोषमुक्त कर दिया। दोषमुक्त हुई महिला की ओर से पैरवी परीक्षित सिंह सिसौदिया ने की। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी शिवेंद्र चौहान व वरिष्ठ अधिवक्ता यतेंद्र शर्मा ने की।

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