अलीगढ़। देहली गेट क्षेत्र की गूलर रोड गली नंबर एक से रविवार रात अगवा की गई किशोरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसकी लाश सोमवार सुबह लोधा के गांव ल्हौर्रा के जंगल में मिली। किशोरी के सगे चाचा व उनके रिश्तेदारों को हत्या में नामजद किया गया है। तहरीर में चाचा पर बेटे की हत्या का बदला लेने के इरादे से भतीजी को मारने का आरोप है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
गोंडा थाना क्षेत्र के गांव मजूपुर में दस माह पूर्व महीपाल के इकलौते बेटे दीपक की हत्या कर दी गई थी। जमीनी रंजिश में हुई इस हत्या में दीपक के ताऊ रामपाल सिंह, उसकी पत्नी राजकुमारी और बेटे सोनू का नाम आया। तीनों लोग तभी से जेल में हैं। मां, बाप, भाई के जेल जाने के बाद से उनकी बेटी दुर्गेश (14) अपने छोटे भाई मोनू संग अपनी बुआ श्यामवती के घर गूलर रोड गली नंबर एक में रह रही थी।
रात करीब नौ बजे दुर्गेश गली में ही रहने वाली दूसरी बुआ मीरा के घर स्वेटर देने गई। तभी वह अगवा कर ली गई। काफी देर तक दुर्गेश के न लौटने पर बुआ व अन्य परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। मजूपुर में मारे गए दीपक के पिता महीपाल पर अपहरण का शक जताते तहरीर दे दी।
इससे पहले कि पुलिस जांच शुरू करती, सुबह खबर मिली कि ल्हौर्रा लोधा के जंगलों में किशोरी की लाश मिली है। उसके सिर में गोली मारी गई है। खबर पर पुलिस पहुंची और परिजनों द्वारा बताए गए हुलिया व फोटो के आधार पर किशोरी की पहचान दुर्गेश के रूप में कर ली गई। इस पर दुर्गेश के फूफा व अन्य परिजनों ने महीपाल पर बेटे की हत्या के बदले पर इस हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दे दी।
इस तहरीर में आरोप लगाया है कि महीपाल ने 7 जनवरी को फोन करके दुर्गेश से पूछा था कि वह कहां रह रही है। पिछले दिनों उसे मोहल्ले में घूमते भी देखा गया था। इसलिए अंदेशा है कि हत्या महीपाल ने अपने साले सुरेंद्र, रिषीपाल व चंद्रपाल की मदद से की गई है। फिलहाल पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है। सीओ प्रथम एएसपी डॉ. संजय ने बताया कि सगे चाचा पर बेटे की हत्या के बदले हत्या का आरोप गाया है। जांच की जा रही है।