बर्खास्त आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट की पत्नी श्वेता भट्ट ने कहा कि इन दिनों देश में मर्डर ऑफ डेमोक्रेसी हो चुका है। लोकतंत्र की हत्या की जा चुकी है, जबकि उनके बचपन या जवानी के दौर में यह लोकतंत्र एक सशक्त लोकतंत्र था।
शुक्रवार को एएमयू के शताब्दी वर्ष पर एएमयू कोआर्डिनेशन कमेटी के आमंत्रण पर श्वेता भट्ट वर्चुअल कार्यक्रम से जुड़ी थीं। उन्होंने कहा कि उनके पति ने इंसाफ की लड़ाई लड़ी, लेकिन उसकी सजा उन्हें बर्खास्त व जेल के रूप में मिली है। श्वेता ने कहा कि एएमयू में युवा खून है, जो राष्ट्र के निर्माण में लगा था, लगा है और लगा रहेगा। इसलिए मेरी हक की लड़ाई में स्टूडेंट की दुआ व समर्थन की दरकार है। शाम 6 बजे निर्धारित था, लेकिन करीब 45 मिनट के बाद कार्यक्रम शुरू हुआ। इस दौरान लोगों ने सवाल भी किए, जिसका श्वेता ने जवाब भी दिया। एएमयू के कोआर्डिनेशन कमेटी के पदाधिकारी आमिर मिंटोई ने कहा कि उन्होंने श्वेता भट्ट को आश्वस्त किया कि वह उनके साथ हैं। साथ ही भट्ट परिवार का कर्ज मुस्लिमों पर है, क्योंकि संजीव भट्ट ने सच की आवाज बुलंद की थी। कार्यक्रम को लेकर इंतजामिया में खलबली मची थी। कार्यक्रम होने न होने की टोह लेते रहे। पुलिस फोर्स भी मुस्तैद था। जगह-जगह एएमयू के बुल तैनात कर दिए गए थे।
आखिरकार हो गया एएमयू में कार्यक्रम
इंतजामिया ने दावा किया था कि एएमयू में श्वेता भट्ट के वर्चुअल कार्यक्रम को नहीं होने दिया जाएगा, क्योंकि इस कार्यक्रम से इंतजामिया का कोई सरोकार नहीं था। अलबत्ता, एएमयू कोआर्डिनेशन कमेटी के पदाधिकारी आमिर मिंटोई ने दावा किया है कि आफताब हाल में वर्चुअल कार्यक्रम हुआ है, लेकिन प्रोजेक्टर के बजाय लैपटॉप पर प्रसारण हुआ। इस संबंध में आफताब हाल के प्रोवोस्ट प्रो. सलमान खलील ने बताया कि हॉल या कामन रूम में न तो कोई प्रोजेक्टर लगा था और न ही छात्र एकत्र हुए थे। न ही इस तरह का कार्यक्रम हॉल में हुआ है।