कस्बे के मोहल्ला सुनारान में रहने वाले कोचिंग सेंटर संचालक का रक्तरंजित शव मंगलवार को उनके बंद घर से बरामद हुआ। रविवार शाम उनको आखिरी बार साथ पढ़ाने वाली शिक्षिका के साथ देखा गया था। परिजनों की शिकायत पर पुलिस दरवाजा तोड़ अंदर पहुंची तो बिस्तर पर चोटिल शव पड़ा मिला। उनके बहनोई ने अज्ञात में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
मूलरूप से गांव बांईकलां के रहने वाले दिव्यांग गंगाराम (32) पुत्र कल्लू सिंह साल पहले परिवार के साथ छर्रा आ गए थे। उनके माता-पिता का देहांत हो चुका है तथा बहनों कुसुम व भावना की शादी हो चुकी है। घर में वे अकेले रहते थे। पिछले कुछ समय से दोस्त के कक्षा पांच में पढ़ने वाले बेटे अजय निवासी इंदा नगला को अपने यहां रख रखा था। होली पर अजय अपने घर चला गया था। गंगाराम घर में ही कोचिंग सेंटर चलाते थे। रविवार की शाम अंतिम बार उनकी कोचिंग में ही पढ़ाने वाली शिक्षिका के साथ उनको देखा गया था।
सोमवार की शाम को चचेरी बहनें धर्मवती तथा कमलेश व उसके पति आकाश गंगाराम से मिलने पहुंचे लेकिन दरवाजे पर ताला लटका देख लौट गए। फोन से भी संपर्क नहीं हो पा रहा था। मंगलवार की सुबह दोनों बहनें फिर घर पहुंचीं। फिर ताला देख इन लोगों ने पुलिस में शिकायत की। एसएचओ अनिल कुमार की मौजूदगी में ताला तोड़ा गया। अंदर गंगाराम का शव बिस्तर पर पड़ा मिला। उनके चेहरे व सिर पर चोटों से निकला खून लगा था। यह देख परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
एसपी ग्रामीण अतुल शर्मा, सीओ बरला कर्मवीर सिंह मौके पर पहुंचे। कई लोगों से पूछताछ हुई। फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य संकलित किए। बहनोई छोटेलाल ने अज्ञात में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।