फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब पूर्व पार्षद पति की हत्या

विज्ञापन
शमशाद मार्केट में मोहम्मद फारूख को गोली मारने के बाद हुई मौत के बाद जेएन मेडिकल पर तैनात पुलिस। - फोटो : CITY OFFICE
विज्ञापन
महानगर के सिविल लाइंस इलाके में अनूपशहर रोड पर मंगलवार देर शाम कांग्रेेस नेता व पूर्व पार्षद पति मो.फारुख (50) की बाइक सवार नकाबपोश शूटरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के वक्त वह चिनार गेस्ट हाउस के बगल में अपने दफ्तर में बैठे हुए थे। तभी दो बाइकों पर आए हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाकर फायरिंग कर दी। हालांकि गोलियों की आवाज सुन एकत्रित हुई पब्लिक ने एक शूटर को दबोच लिया, मगर उसके साथी शूटर भीड़ पर सीधे फायरिंग कर उसे छुड़ाकर ले जाने में सफ रहे। इसके बाद आनन-फानन कांग्रेस नेता को जेएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। मगर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। खबर पर एसपी सिटी सहित तमाम अमला मौके पर पहुंच गया। खबर पर कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव पूर्व विधायक विवेक बंसल व मेयर मो.फुरकान भी मेडिकल कॉलेज पहुंच गए थे।
विज्ञापन

सिविल लाइंस के भमोला स्थित कादिर मंजिल निवासी मो.फारुख का मूल रूप से फाइनेंस का व्यापार था और उनका अपना रिक्शों का गैराज भी था। परिवार में पत्नी शहाना परवीन के अलावा एक बेटा व तीन बेटियां हैं। पत्नी शहाना परवीन वार्ड नंबर 60 से नगर निगम पार्षद रही हैं। फारुख ने चिनार होटल के बराबद सड़क पटरी पर झोंपड़ीनुमा अपना दफ्तर भी बना रखा था। शाम करीब आठ बजे वह अपने दफ्तर में बैठे थे। तभी दो बाइकों पर आधा दर्जन नकाबपोश वहां आए और फारुख को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली उनके सीने में लगी, जिसके बाद वह भागे तो दूसरी गोली पीछे से पीठ में लगी और वह गिर गए। यह देख आसपास लोगों व राहगीरों ने घेराबंदी कर एक हमलावर को दबोच लिया। मगर उसके साथियों ने पब्लिक पर ही फायरिंग शुरू कर दी। जिससे शूटर छूटकर अपने साथियों तक पहुंच गया। इसके बाद सभी फायरिंग करते हुए बाइकों पर अनूपशहर की ओर भाग गए। इस दौरान आधा दर्जन से अधिक राउंड फायरिंग हुई, जिससे इलाके में दहशत का माहौल पैदा हो गया। हालांकि जब तक सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक लोग फारुख को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
इसी बीच खबर पर एसपी सिटी अभिषेक, सीओ तृतीय अनिल समानिया, विवेक बंसल, मेयर मो.फुरकान, एसओजी, सिविल लाइंस आदि पुलिस पहुंच गई। परिजनों से पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि फारुख पर एक साल पहले भी घर के बाहर हमला हुआ था। उस समय गोली लगने से एक माह तक इलाज चला था। उस मुकदमे में कुछ बाहर के शूटर जेल गए थे और जांच में जमालपुर के ही कुछ लोगों द्वारा हमला कराया जाना सामने आया था। वह हमला 24-25 लाख की उधारी को लेकर होने की बात सामने आई थी। इससे ज्यादा परिजनों को कोई जानकारी नहीं है। अब यह हत्या क्यों, किसने और किस वजह से हुई है। यह जांच में ही सामने आएगा। फिलहाल परिजनों की ओर से तहरीर दिए जाने का पुलिस को इंतजार है। एसपी सिटी अभिषेक ने इतना ही बताया कि मामले में जांच व तहरीर के आधार पर ही कुछ किया जा सकेगा। पुलिस की एक टीम सीसीटीवी आदि देखने में लगी है। जल्द ही तस्वीर साफ कर दी जाएगी।
विज्ञापन

कांग्रेस से सपा और फिर कांग्रेस में आए फारुख
फारुख वैसे तो विवेक बंसल के करीबियों में गिने जाते थे और शुरू से ही कांग्रेस में थे। पिछले दिनों पार्षद टिकट न मिलने से नाराज होकर वह सपा में शामिल हो गए थे। मगर कुछ दिन सपा में रहने के बाद वह वापस कांग्रेस में आ गए थे। उनके विषय में कहा जाता है कि वह बेहद मिलनसार और दोस्ताना व्यवहार के व्यक्ति थे। प्रापर्टी व्यापार में भी वह हाथ डालने लगे थे। अभी यह कहना संभव नहीं है कि उनकी हत्या किस व्यापार को लेकर हुई है।
एएमयू बवाल के चलते जांच पर लगा ब्रेक
फारुख की हत्या के कुछ देर बाद ही सिविल लाइंस पुलिस को खबर लगी कि एएमयू के छात्र ने सुसाइड कर लिया है। अभी पुलिस की एक टीम छात्र के शव को निकालने व उसकी जांच पड़ताल में लगी थी कि अचानक सुसाइड को लेकर नाराज छात्रों की पुलिस से भिड़ंत हो गई। बस फिर क्या था, पूरी पुलिस वहां व्यस्त हो गई और फारुख की हत्या की जांच में जुटी टीमें भी इस प्रकरण को छोड़ कर वहां पहुंच गईं। इसके चलते देर रात अचानक से हत्या की जांच पर ब्रेक लग गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें