मुख्तार के अलीगढ़ से जुड़ाव की बात करें तो उसका शूटर प्रेमप्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी 2011-12 में कुछ समय के लिए अलीगढ़ कारागार में निरुद्ध रहा था। तत्कालीन अधिकारियों ने उसे यहां तन्हाई बैरक में रखा था और उसकी मुलाकात तक नहीं होने दी थी।
पूर्वांचल के कुख्यात माफिया अपराधी मुख्तार अंसारी की मौत के बाद शासन के निर्देश पर अलीगढ़ जिले में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। अलीगढ़ की जेल में मुख्तार अंसारी का करीबी शूटर मुन्ना बजरंगी निरुद्ध रहा था।
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अलीगढ़ शहर को नौ सेक्टरों में बांटकर निगरानी रखी जा रही है। 29 मार्च को जुमे पर भी सतर्कता की तैयारी है। बता दें कि वैसे तो सीधे मुख्तार का इस शहर से कोई नाता नहीं रहा, मगर उसका करीबी शूटर मुन्ना बजरंगी अलीगढ़ जेल में निरुद्ध रहा था।
प्रदेश शासन से मिले निर्देशों के बाद संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। चूंकि 29 मार्च को जुमा है, इसलिए विशेष सक्रियता बरती जा रही है। कहीं किसी तरह विरोध के स्वर मुखर न हों, इस बात पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है। चुनावी दौर में सोशल मीडिया पर टीका टिप्पणी पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इधर, मुख्तार के अलीगढ़ से जुड़ाव की बात करें तो उसका शूटर प्रेमप्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी 2011-12 में कुछ समय के लिए अलीगढ़ कारागार में निरुद्ध रहा था।
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तत्कालीन अधिकारियों ने उसे यहां तन्हाई बैरक में रखा था और उसकी मुलाकात तक नहीं होने दी थी। इधर, छह अप्रैल 2021 को पंजाब से यूपी लाते समय मुख्तार रात में यमुना एक्सप्रेस वे के रास्ते से गुजरा था। उस समय उसका काफिला कुछ देर को यमुना एक्सप्रेस वे पर रास्ता भी भटका था। एडीएम सिटी अमित कुमार भट्ट के अनुसार शहर में नौ सेक्टर बनाकर सेक्टर स्कीम लागू कर दी गई है। बाकी सोशल मीडिया पर निगरानी रखी जा रही है और हर तरह से ध्यान दिया जा रहा है।