अगले माह में होने वाले निकाय चुनाव को लेकर शादी वाले घरों में इन दिनों परिजनों की चिंता बढ़ गई है। जिन तारीखों में शादी होनी है उन्हीं तारीखों में पहले और दूसरे चरण का मतदान भी होना है। ऐसे में उन्हें वाहनों की बुकिंग आदि समेत अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। मई माह में गिने-चुने सहालग हैं। ऐसे में इन शुभ मुहुर्त में शादियों की भरमार रहेगी।
इसी बीच चुनाव आयोग ने निकाय चुनावों का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। चुनाव के लिए आने वाली पुलिस फोर्स को ठहराने आदि के लिए मैरिज होम आदि का अधिगृहण करने के साथ ही वाहनों का प्रशासन के स्तर से अधिगृहण किया जाएगा। इसे देखते हुए शादी वाले घरों के परिजनों की चिंता बढ़ गई है। यदि प्रशासन ने मैरिज होम या वाहनों का अधिगृहण कर लिया तो वे शादी समारोह को किस स्थान पर संपन्न कराएंगे। इसको लेकर वे परेशान हैं। संवाद
निकाय चुनाव : निर्णायक साबित होंगे युवा एवं महिला मतदाता
यूं तो चुनाव में हर मतदाता की अपनी भूमिका होती है लेकिन इस बार युवाओं के साथ ही महिला मतदाता निकाय चुनाव में अपनी निर्णायक भूमिका अदा करेंगी। महिला मतदाता भी कई सीटों पर निर्णायक की भूमिका में नजर आ रही हैं। किसी- किसी सीट पर तो महिलाओं की संख्या पुरुषों से कुछ ही अंतर पर कम हैं। अगर जागरूकता से महिलाएं बूथों तक वोट डालने पहुंचीं तो कई सीटों पर परिणाम भी बदल जाएंगे। नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों समेत कुल 18 निकायों में 11 मई को चुनाव होना है। इन सीटों पर एक ओर आरक्षण के अनुसार प्रत्याशियों को उतारने की तैयारी में राजनैतिक पार्टियां जुटी हैं तो वहीं सीटों पर जिताऊ प्रत्याशियों की तलाश की जा रही है। जिले के कुल 329 वार्ड में 11,77,317 मतदाता मतदान करेंगे। इनमें 6,01,298 पुरुष मतदाता एवं 5,35,810 महिला मतदाता अपने मत का प्रयोग करेंगे। इस बार पूरे जिले में करीब दो लाख युवा नये मतदाता बने हैं। जिनका पहला वोट किसी भी प्रत्याशी की जीत और हार में निर्णायक साबित होंगे। सभी प्रत्याशियों की निगाह पहली बार बने मतदाताओं पर टिकी हुई हैं। संवाद