नगर निगम में नगर आयुक्त से नोकझोंक करते सपा नेता अज्जू इश्हाक। संवाद
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तस्वीर महल चौराहे पर अतिक्रमण विवाद के बाद नगर आयुक्त से अभद्रता को लेकर सपा नेता अज्जू इश्हाक सहित अन्य नेताओं पर प्राथमिकी का मुद्दा सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव तक पहुंच गया है। सपा अध्यक्ष के निर्देश पर मामले में प्राथमिकी से लेकर अन्य सभी साक्ष्य भी पार्टी हाईकमान स्तर से मांगे गए हैं।
इसके बाद सभी साक्ष्य स्थानीय स्तर से भेज दिए गए हैं। अब पार्टी विधिक पहलुओं पर मंथन के बाद आगे कोई कदम उठाएगी। फिलहाल पार्टी स्तर से यही संकेत मिले हैं कि जनता की लड़ाई में झुकना नहीं है। डटकर लड़ना है।
समाजवादी पार्टी के स्थानीय खेमे में ये बात जगजाहिर है कि अज्जू इश्हाक सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के जिला स्तर पर चंद करीबी नेताओं में अग्रणी श्रेणी में हैं। इसी करीबी की वजह से वे बेहद कम उम्र में सपा शासनकाल में महानगर अध्यक्ष रह चुके हैं और कोल सीट से पार्टी टिकट पर दो बार चुनाव भी लड़ चुके हैं।
सोमवार से चल रहे इस घटनाक्रम में पहले दिन तस्वीर महल पर अतिक्रमण हटाने के दौरान प्रवर्तन टीम व ढकेल संचालकों में मारपीट हुई, जिसमें ढकेल संचालकों पर प्रवर्तन टीम के लीडर पर बांट से हमले में रिपोर्ट दर्ज की गई। इसके विरोध में अगले दिन मंगलवार को सपा, बसपा व कांग्रेस के तमाम नेता नगर आयुक्त से मिलने गए।
वहां उनके कार्यालय में हंगामा-नारेबाजी के बीच सपा नेता अज्जू पर अभद्रता का आरोप लगा, जिसका एक वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो में अज्जू नगर आयुक्त से यह कहते दिख रहे हैं कि कौन हो तुम, लोर्ड हो तुम। सोशल मीडिया पर यह वीडियो जबरदस्त वायरल हुआ। इसी मामले में बुधवार को रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
जिसकी जानकारी खुद अज्जू इश्हाक ने सपा अध्यक्ष के व्हाट्सएप पर भेजी। इसके बाद बृहस्पतिवार को पार्टी मुख्यालय स्तर से अज्जू से पूरे प्रकरण में जानकारी मांगी गई है। इस विषय में सपा नेता अज्जू इश्हाक का कहना है कि पार्टी हाईकमान ने पूरा प्रकरण साक्ष्य सहित मांगा है, जिसमें विधिक पहलुओं पर मंथन के बाद आगे कदम उठाने का निर्देश मिलेगा। रहा सवाल हमारे अगले कदम का तो पार्टी की ओर से साफ निर्देश हैं कि जनता की लड़ाई में किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटना है। डटकर लड़ना है।