अलीगढ़ जंक्शन स्थित एएच व्हीलर एंड कंपनी के बुक स्टॉल को अपग्रेड कर एयरपोर्ट की तरह मल्टी परपज स्टॉल (एमपीएस) में तब्दील किया जाएगा। इसमें पत्रिका एवं पुस्तकों के साथ-साथ यात्रियों के लिए जरूरी अन्य सामान भी उपलब्ध कराया जाएगा। ऑनलाइन बिजनेस के जमाने में बुक स्टॉल से पुस्तकों की बिक्री गिरने की वजह से यह तब्दीली की जा रही है।
पिछले चार दशक में उत्तर मध्य रेलवे एवं अलीगढ़ जंक्शन पर हुए विकास कार्यों का साक्षी एएच व्हीलर एंड कंपनी प्रा.लि. का बुक स्टॉल रहा है। यह शहर के बहुत सारे पुस्तक प्रेमियों का पसंदीदा जगह भी है। महत्वपूर्ण व्यक्ति या लेखकों की चर्चित पुस्तकें इस स्टॉल पर हमेशा उपलब्ध रहने के कारण लोग अक्सर यहां चक्कर लगाते हैं। हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी के दर्जनों मैगजीन उलट-पलट कर लोग काम की पुस्तकें खरीद कर ले जाते हैं। पुस्तक पढ़ने वालों की संख्या लगातार गिरने पर लोग पहले से ही चिंतित है। पुस्तकों की ऑनलाइन बिजनेस ने स्टॉलों की बिक्री का खेल बिगाड़ दिया है। 2014 के बाद स्थिति इतनी भयावह हो गई कि स्टॉल के स्वरूप को बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा। व्हीलर बुक स्टॉल से पुस्तकों के पुराने स्टॉक वापस मंगा लिए गए हैं। अब वहां पत्रिकाएं तो हैं लेकिन लोकप्रिय एवं चर्चित पुस्तकें बहुत कम बचे हैं।
एमपीएस में तब्दील करने की योजना
बुक स्टॉल को अब एयरपोर्ट की तरह मल्टी परपज स्टॉल में परिवर्तित करने की योजना है। इसमें पत्रिका एवं पुस्तकों के साथ-साथ पानी, कोल्ड ड्रिंक, दवाओं के अतिरिक्त यात्रियों के लिए जरूरी करीब 120 सामानों को बेचने की योजना है। हाथरस, आगरा, मथुरा सहित कई स्टेशनों पर ऐसा परिवर्तन पहले ही हो चुका है। मुख्य वाणिज्य निरीक्षक संजय कुमार शुक्ला ने बताया कि एमपीएस का कार्य चल रहा है। कई दूसरे मंडलों में काम हो गया है। ऑनलाइन बिजनेस बढ़ने के बाद बुक स्टॉल पर बिक्री डाउन हुई थी। इस वजह से अपग्रेड कर एमपीएस बनाया जा रहा है।