स्वामी नरसिंहानंद के बयान पर पलटवार थमने का नाम नहीं ले रहा है। एएमयू से जुड़ाव रखने वाले प्रोफेसर, मुफ्ती और पूर्व छात्रों ने उनके बयान की भर्त्सना की है। कहा, ऐसे नफरती भाषा बोलने वाले लोगों को समाज में नहीं, बल्कि जेल में जगह होनी चाहिए। उधर, सोशल मीडिया पर स्वामी के बयान के संबंध में पोस्ट पर पुलिस कड़ी नजर रखे हुए है।
नरसिंहानंद जैसे लोग देश की गंगा - जमुनी तहजीब को नुकसान को पहुंचा रहे हैं। एएमयू से संबंधी जो बयान दिया है, उसमें मुसलमानों के एक साथ दूसरे धर्म के छात्र भी बड़ी तादाद में लोग पढ़ रहे हैं। यह बयान उन सभी का अपमान है। ऐसे नफरती बयान देने वाले लोगों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करे और जेल भेजे।
-गुलजार अहमद, पूर्व सीनियर हॉल, एनआरएससी, एएमयू
देश को तोड़ने और नफरती बयान देने वाले स्वामी नरसिंहानंद को जेल भेजना चाहिए, क्योंकि उसे इसी शर्त पर जमानत मिली थी कि अब कोई ऐसा बयान नहीं देंगे। बावजूद इसके बयान दिया। सरकार अगर कार्रवाई नहीं करेगी, तो माना जाएगा कि यह उसी के इशारे पर हो रहा है। सरकार का भी इससे जुड़ाव है।
-प्रो. मुफ्ती जाहिद अली खान, पूर्व अध्यक्ष, सुन्नी थियोलॉजी, एएमयू
स्वामी नरसिंहानंद का बयान न तो समाज हित में और न ही मानव हित में। ऐसे बयान देकर वह केवल सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं। नफरती बयान देने वाले स्वामी के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब जेल भी भेजना चाहिए। सरकार ठोस निर्णय ले लेगी तो ऐसे लोगों के बोल कभी बिगड़ नहीं सकते।
-बाबा फरीद आजाद, पूर्व छात्र, एएमयू