एएमयू छात्र द्वारा शहीदों पर की गई अपमान जनक टिप्पणी मामले में छात्र के साथ-साथ एएमयू कुलपति के खिलाफ भी मुकदमे के लिए याचिका अदालत में दायर की गई है। यह याचिका सामाजिक संगठन आहुति के अध्यक्ष अशोक चौधरी ने एसीजेएम-6 की अदालत में दायर कर न्यायालय से मुकदमा दर्ज कराने का अनुरोध किया है। जिसमें 26 सितंबर बहस के लिए तारीख नियत की गई है।
अधिवक्ता मुकेश सैनी की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि एएमयू कुलपति ने जानबूझकर आरोपी को पुलिस के हवाले सौंपने की बजाय भागने का मौका दिया। वाद में कहा गया है कि कुलपति जमीरुद्दीन शाह भारतीय सेना में अधिकारी रहे हैं और वह आरोपी रसायन विज्ञान के छात्र मुदस्सिर यूसुफ के अपराध की गंभीरता से परिचित थे।
अशोक चौधरी ने कहा है कि यह एक गंभीर विषय है कि अलीगढ़ प्रशासन राष्ट्रद्रोह जैसे गंभीर अपराधों पर भी गंभीरता से कार्य नहीं करता। अपराधी को भागने और देश के प्रति गद्दारी करने का अवसर प्रदान करता है।
उन्होंने आगे कहा है कि देश और वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के कारण परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं, किंतु पुलिस प्रशासन उन चुनौतियों से निबटने के प्रति गंभीर नहीं है वरना मुदस्सिर यूसुफ की गिरफ्तारी 19 सितंबर को ही हो जाती।