मलखान सिंह जिला अस्पताल से डायरिया पीड़ित किशोरी को अचानक रेफर किए जाने पर उत्तेजित हुए परिजनों ने जमकर उत्पात मचाया। इमरजेंसी में हंगामा और वार्ड में स्टाफ के साथ मारपीट करते हुए तोड़फोड़ कर दी। कुछ देर को वहां इस कदर अराजक स्थिति बन गई कि वार्ड में भरती अन्य मरीज व परिजन दहशत में आ गए। खबर पर पहुंची पुलिस को आता देख उत्पात कर रहे लोग वहां से भाग गए। बाद में इस घटना से खफा मेडिकल स्टाफ ने इमरजेंसी सेवा ठप करते हुए गिरफ्तारी की मांग उठाते हुए प्रदर्शन किया। डॉक्टर भी काम छोड़कर चले गए। देर रात समाचार लिखे जाने तक इमरजेंसी सेवाएं ठप थीं।
हुआ यूं कि देहली गेट क्षेत्र की 16-17 वर्षीय किशोरी भूरी पुत्री मनवीर को बुधवार शाम डायरिया की शिकायत पर इमरजेंसी में दिखाया गया। यहां उसे हालत नाजुक होने पर भरती कर लिया गया। इसके बाद से उसका वार्ड में इलाज चल रहा था। बृहस्पतिवार देर रात करीब नौ बजे भूरी की तबियत बिगड़ी तो परिजन इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर के पास गए। वहां डॉक्टरों ने देखते हुए बच्ची को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
बस जैसे ही बच्ची को एंबुलेंस में ले जाने की तैयारी हुई, तभी परिजन भड़क गए। उन्होंने पहले इमरजेंसी में हंगामा शुरू किया। वहां से परिजन सीधे वार्ड में पहुंचे और वहां स्टाफ नर्स से मारपीट करते हुए उसे खींचकर ले जाने की कोशिश की। साथ में वहां सामान, दवाएं, रजिस्टर आदि तोड़ना फेंकना शुरू कर दिया। बीच में आए अन्य भरती मरीज व उनके तीमारदारों को भी धमकाया। इससे वहां दहशत व भगदड़ का माहौल बन गया।
इसी बीच खबर पर एसओ बन्नादेवी विनोद कुमार पुलिस बल के साथ पहुंच गए। पुलिस को देख हंगामा कर रहे लोग भाग गए। इसके बाद मेडिकल स्टाफ ने काम बंद करते हुए इमरजेंसी का दरवाजा बंद करते हुए हड़ताल का ऐलान कर दिया। डॉक्टर भी काम छोड़कर चले गए। इमरजेंसी में मौजूद डॉ.नवीन कुमार ने साफ कहा कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी न होगी, काम नहीं होगा। मेडिकल स्टाफ ने नारेबाजी शुरू कर दी। एसओ बन्नादेवी के अनुसार मामले में तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों को चिह्नित किया जा रहा है।