जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट में सांसद सतीश गौतम की अध्यक्षता में हुई। सांसद ने बैठक में भ्रष्टाचार पर प्रहार किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, सड़क योजना, मनरेगा के तहत हुए कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा किया और इन सभी की जांच के लिए प्रशासन को पांच-पांच सदस्यीय कमेटी का गठन करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने नगर निगम के आयुक्त द्वारा बैठक में भाग न लेेने पर भी नाराजगी जाहिर की। बीते दिनों नगर निगम के द्वारा बनवाए गए नालों के गिरने और उसमें घपले की जो बात सामने आई, उसकी फिर से जांच कराने व ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने का आदेश दिया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जनता के पैसे की बर्बादी नहीं होने दी जाएगी। एक-एक रुपये का अधिकारियों को हिसाब देना होगा।
बैठक में सांसद सतीश गौतम ने मनरेगा, दीनदयाल अंत्योदय योजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना, पीएम ग्राम सड़क योजना, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण एवं शहरी, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, डिजिटल भारत भू अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम, स्मार्ट सिटी मिशन, उज्ज्वला योजना, पीएम फसल बीमा योजना की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि बैठक का मकसद अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय स्थापित करना है। सभी नए निर्माण, मरम्मत और जीर्णोद्धार कार्यों में शिलापट पर क्षेत्रीय सांसद, विधायकों, ब्लॉक प्रमुख के नाम अनिवार्य रूप से होने चाहिए। दिव्यांगों को ट्राई साइकिल वितरित की जाएं। प्रत्येक गांव में सचिव दो-दो ग्राम पंचायतों को चिन्हित कर गुणवत्तापरक निस्तारण कराएं। जर्जर विद्यालयों को गिराकर उनकी जगह नए स्कूल बनाए जाएं। बरौली विधायक दलवीर सिंह ने स्मार्ट सिटी योजना में कराए गए कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
सीडीओ अनुनय झा ने संचालन करते हुए कहा कि मनरेगा योजना में 1,54,498 क्रियाशील मजदूरों को जाब कार्ड दिए गए हैं। 2020-21 में कुल 35 लाख मानव दिवस सृजित हुए हैं। एनआरएलएम में 3,330 समूह गठन के लक्ष्य के सापेक्ष 2,880 का लक्ष्य पूर्ण कर लिया गया है। जिले में 36 हजार महिलाएं समूह गठन के माध्यम से किसी न किसी रूप में रोजगार पा रही हैं। पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल मिशन में सांसद ने पांच सदस्यीय समिति गठित कर अब तक कराए गए कार्यों के जांच के निर्देश दिए। इस मौके पर छर्रा विधायक रवेंद्र पाल सिंह, इगलास विधायक राजकुमार सहयोगी समेत अन्य मौजूद रहे।
नगर निगम के कार्यों पर उखड़े
बैठक में जनप्रतिनिधि नगर निगम के कार्यों से असंतुष्ट नजर आए। उन्होंने कहा कि 300 करोड़ रुपये में से करीब सौ करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हो चुके हैं। अभी तक विकास कार्य नहीं दिख रहे हैं। नगर आयुक्त के न आने पर भी सांसद नाराज हुए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में शासन को एक पत्र लिखा जाएगा।