30 जुलाई को मेरे परिवार वाले घर से बाहर गए थे। दिन में करीब दो बजे वापस आए। मेरे छोटे भाई की पत्नी ने यशिका को देखा तो वह ठंडी व नीली पड़ी थी। परिवार वाले उसे डॉक्टर के पास ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद परिवार ने यशिका को एक दफनाकर अंतिम संस्कार कर दिया था।
सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि पति की तहरीर मुकदमा लिखा गया है। महिला ने घटना करने की बात स्वीकार की है, उसे जेल भेज दिया गया है। चूंकि परिजनों में शव दफना दिया था, अब मजिस्ट्रेट से अनुमति लेकर उसे निकलवाकर पोस्टमार्टम कराया जाएगा। जिलाधिकारी को भी इस संबंध में सूचना दी गई है।