महानगर के सासनी गेट के सराय भोलानाथ में डेढ़ साल की बेटी माही की हत्या में आरोपी मां को न्यायालय ने उम्रकैद की सजा से दंडित किया है। यह फैसला एडीजे-12 सिद्धार्थ सिंह की अदालत से सुनाया गया है। खास बात है कि इस मुकदमे में बहस के दौरान परिवार के अन्य सभी गवाह पक्षद्रोही हुए थे, जबकि खुद आरोपी महिला के दस साल के बेटे ने मां के खिलाफ गवाही दी, जिसके आधार पर उसे सजा सुनाई गई है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी प्रमेंद्र जैन के अनुसार, घटना 13 दिसंबर 2019 की है। सराय भोलानाथ के रोशन लाल की विवाहित बेटी बबली अपनी सुसराल गभाना से अपने तीन बच्चों आशीष, कृष्णा व माही को लेकर मायके आई हुई थी। घटना वाली दोपहर वह घर के एक कमरे में बच्चों को लिए बैठी थी। तभी एकाएक बच्चों के चीखने की आवाज आई। इस पर परिवार के सदस्यों ने दरवाजा किसी तरह खोलकर अंदर देखा तो पाया कि उसकी गोद में डेढ़ साल की सबसे छोटी बेटी माही मृत पड़ी थी। अन्य दोनों बच्चों ने बताया कि मां ने माही को उसके गले में पड़े ताबीज से गला घोंटकर मारा है।
मुकदमे के आधार पर न्यायालय में सत्र परीक्षण शुरू हुआ। अदालत में शुरुआत में वादी यानि बबली के पिता ने सही गवाही दी। बाद में बहस के दौरान बबली को मानसिक रूप से कमजोर बताया गया। इस पर अभियोजन पक्ष की ओर से मेडिकल दस्तावेज तलब किए गए। मगर उसमें कहीं भी मानसिक कमजोर नहीं साबित किया गया। इस पर अदालत ने अन्य सभी गवाह तलब किए। इस बीच दस साल के बच्चे ने अदालत को सच बताया। जिसके आधार पर महिला को दोषी करार देते हुए उम्रकैद व दस हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। हालांकि इस हत्या की वजह साफ नहीं हो पाई। इधर, घटना के बाद से दोनों बच्चे ननिहाल में ही रह रहे हैं।