फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोमाता है संस्कृति व सनातन परंपरा की पहचान : सुंदर वैदिक

विज्ञापन
सुमेरपुर में प्रवचन देते आर्य समाज के लोग। - फोटो : samvad
विज्ञापन
गांव सुमेरपुर में आयोजित आर्य समाज के 69 वें वार्षिकोत्सव एवं चतुर्वेद शतकम् महायज्ञ के दूसरे दिन सोमवार को अंतरराष्ट्रीय गोकथा वाचक सुंदर वैदिक ने कहा कि गोमाता भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की पहचान हैं। गोसेवा से मानव जीवन में करुणा, सेवा और संस्कारों का विकास होता है।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि समाज को अपनी संस्कृति और मूल्यों की रक्षा के लिए आगे आना होगा। क्रांतिकारी संत स्वामी सच्चिदानंद ने कहा कि राष्ट्र की प्रगति का आधार नैतिकता, चरित्र और संस्कार हैं। भजनोपदेशिका ज्योति आर्या ने भजनों के माध्यम से समाज में फैली कुरीतियों, अंधविश्वास और बुराइयों पर प्रहार करते हुए जागरूकता का संदेश दिया। आयोजन में कुलदीप सिंह आर्य, विनीता सिंह, संजय सिंह तोमर, रजनी तोमर, देवेंद्र कुमार सक्सेना, जुगेंद्रपाल सिंह, डाॅ.आरपी सिंह, डाॅ.मनु आर्य, प्रेमपाल सिंह नेताजी, कंचन सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें