थाना गांधीपार्क क्षेत्र के पला फाटक के पास रविवार शाम तेजस राजधानी एक्सप्रेस (नई दिल्ली-भुवनेश्वर) की चपेट में आने से मां-बेटी की मौत हो गई। हादसे के बाद 35 मिनट तक कानपुर की तरफ का ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहा। थाना सासनीगेट क्षेत्र के पला सहिबाबाद निवासी प्रदीप कुमार की पत्नी शशि अपनी दो वर्षीय पुत्री दुर्गेश के साथ देवी नगला मिथिलापुरी की ओर से रात करीब आठ बजे पला साहिबाबाद जा रहीं थीं। दिल्ली-हावड़ा रेलवे ट्रैक पार करते समय मां-बेटी नई दिल्ली से भुवनेश्वर जा रही तेजस एक्सप्रेस की चपेट में आ गई। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। साथ में मौजूद पति प्रदीप कुमार बाल बाल बच गए। चालक दल ने इमरजेंसी ब्रेक लेकर ट्रेन को दाऊद खां स्टेशन से पहले रोक लिया। ट्रेन के रुक जाने से कानपुर की ओर डाउन लाइन पर ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो गया। हादसे की खबर स्टेशन मास्टर दाऊद खान ने इलाका पुलिस और कंट्रोल रूम को इसकी जानकारी दी। सूचना पर थाना गांधीपार्क पुलिस, आरपीएफ व जीआरपी कर्मी मौके पर पहुंचे। सीओ बन्नादेवी राजीव कुमार द्विवेदी ने बताया कि तेजस राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आकर मां बेटी की मौत हुई है। दोनों के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
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चीखता- चिल्लाता रह गया प्रदीप
हादसे के वक्त शशि के साथ उसका पति प्रदीप भी मौजूद था। जब शशि और बेटी दुर्गेश के साथ रेलवे ट्रैक पार कर रही थी तभी ट्रेन को आता देख उसने शोर भी मचाया था, लेकिन ट्रेन के शोर के बीच उसकी आवाज शशि के कानों तक नहीं पहुंच सकी। तब तक दोनों मां बेटी ट्रेन की चपेट में आ चुके थे। हादसे के बाद प्रदीप बदहवास हो गया। प्रदीप का रो-रोकर बुरा हाल था। उसका कहना था कि आंखों के सामने ही पत्नी और बेटी की जान चली गई।