तीसरी लहर का खतरा सिर पर मंडरा रहा है। बावजूद लोग लापरवाही से बाज नहीं आ रहे हैं। इसे देखकर चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी चिंतित है।
कोरोना कर्फ्यू में ढील के बाद हमारी लापरवाही बढ़ती जा रही है। सभी लोग मास्क भी नहीं पहन रहे हैं। राजनीतिक पार्टियां कोरोना को गंभीरता से नहीं ले रही है। जिला पंचायत अध्यक्ष पद चुनाव में उनकी लापरवाही सभी देख चुके हैं। अब प्रखंड अध्यक्ष पद का चुनाव है। दूसरी लहर के पहले भी लोगों ने लापरवाही की थी। नतीजा सबके सामने है। अप्रैल से लेकर जून 2021 के बीच ही 9500 से अधिक लोग संक्रमित हो गए थे। इस अवधि में शहर के अस्पतालों में एक हजार से अधिक लोगों की मृत्यु का अनुमान लगाया गया था।
लापरवाही का परिणाम दूसरी लहर के रूप में भुगत चुके हैं। मार्च 2020 से लेकर 31 मार्च 2021 के बीच 11710 लोग संक्रमित हुए थे। एक अप्रैल से 4 जुलाई के बीच तीन महीने में 9500 से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं।
- पुष्पेंद्र शर्मा, जिला डाटा मैनेजर, आईएचआईपी
अगर ज्यादा समय तक मास्क लगाए रखना नहीं चाहते हैं तो अभी मास्क लगाएं और दूरी का ख्याल रखें। तीसरी लहर का खतरा मंडरा रहा है। टीका अवश्य लगवाएं और हाथ की सफाई करते रहें।
- डॉ. विपिन गुप्ता, अध्यक्ष, आईएमए
दो गज दूरी और मास्क है जरूरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस संदेश को हमेशा याद रखें। एक गलती बार-बार न दोहराएं। दूसरी लहर का दुष्पपरिणाम सब लोग देख चुके हैं।
- डॉ. एसके उपाध्याय, सीएमएस, पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय