कोरोना महामारी के दौरान अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के जेएन मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर और स्टाफ ने अपने कार्य और समर्पण की शानदार मिसाल पेश की। पिछले करीब तीन महीने में 50 से अधिक लोगों की हार्ट सर्जरी की। इस तरह ओपीडी बंद होने के बाद भी 50 से अधिक हृदय रोगियों के जीवन की रक्षा की जा सकी। इसमें नौ वर्ष का वह बालक भी है जिसके वाल्व का ऑपरेशन किया गया।
कुलपति प्रो तारिक मंसूर ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान मेडिकल कालेज के सर्जन और डाक्टर हर मरीज की मदद करने के अपने वादे पर कायम हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष अप्रैल में लॉकडाउन के बाद से कार्डियो थोरैसिक सर्जरी विभाग में 50 से अधिक जीवन रक्षक हृदय की सर्जरी की जा चुकी है। साथ ही मेडिकल कालेज में नियमित रूप से जीवन रक्षक सर्जरी भी की जा रही है। मेडिसिन फैकल्टी के डीन प्रोफेसर राकेश भार्गव कहते हैं कि महामारी के दौरान हमने मेडिकल कॉलेज में बुनियादी सुविधाओं को और बेहतर बनाया है
अभी हाल ही में उच्च क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट शुरू हुआ है। एक और ऑक्सीजन प्लांट जुलाई के मध्य तक शुरू हो जाएगा। इसके बाद हॉस्पिटल की क्षमता में और इजाफा हो जाएगा
- प्रो. शाहिद अली सिद्दीकी, प्रिंसिपल, जेएन मेडिकल कालेज
आपात और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा रहा
जेएन मेडिकल कॉलेज में ओपीडी सेवाएं भले ही टेली मेडिसिन के माध्यम से संचालित की जा रही हैं। लेकिन आवश्यक और आपात स्थिति में उपचार उपलब्ध कराने में कोई बाधा नहीं है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन के मुताबिक ट्रॉमा सेंटर, इमरजेंसी, प्रसव, कार्डियोलॉजी, रेडियोलॉजी, कैंसर इन विभागों में कार्य हो रहा है। इसके अलावा किसी भी बीमारी से संबंधित अगर कोई आपात स्थिति का मरीज आता है तो उसको उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।