वन महोत्सव के तहत रविवार को पूरे जिले में एक साथ आयोजित वृहद पौधरोपण कार्यक्रम में एक ही दिन में 30 लाख से अधिक पौधे रोपे गए। प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग नितिन रमेश गोकर्ण एवं जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह ने सर्किट हाउस परिसर, मंगलम सीमेंट एवं अपर गंग नहर कासिमपुर मार्ग पर स्मृति वाटिका एवं औषधीय वाटिका में 08 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 16000 पौधे रोपकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर पर्यावरण विभाग द्वारा यूपीएसआईडीसी इंडस्ट्रियल एरिया में 6000 पौधे रोपे।
रविवार सुबह सात बजे से शुरू हुए अभियान के दौरान अर्जुन, कंजी, बकांध, शीशम, अमरूद, जामुन, पीपल समेत फलदार, औषधीय एवं छायादार पौधे रोपे गए। मुख्य कार्यक्रम कासिमपुर पुल के पास हुआ। यहां 13750 पौधों का रोपण कर एक एकड़ क्षेत्र में स्मृति वन की स्थापना की गई। इसमें आम जनमानस, जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ और अपने प्रियजनों की याद में पौधरोपण कर सकेंगे।
औषधीय वाटिका की भी स्थापना की गई। विकास खंड जवां में सीडीएफ कॉप्लेक्स छेरत व मंगलम सीमेंट परिसर में 3000 पौधे लगाए गए। प्रमुख सचिव लोनिवि नितिन रमेश गोकर्ण ने पौधरोपण के दौरान दुर्लभ औषधियों वाले सहजन, कदंब, अमलतास पौधों के गुणों एवं उनकी उपयोगिता के बारे में भी बताया।
सड़क किनारे विशेषकर एक्सप्रेस वे, राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्ग के किनारे सर्विस लेन के बीच हरित पट्टी स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों की भूमि पर पौधरोपण इस प्रकार किया जाए, जिससे ग्रामीणों की आय में बढ़ोत्तरी हो सके। पौधरोपण स्थलों की जियो टैगिंग की जाय।
जिलाधिकारी ने लोगों से आह्वान किया कि पौधरोपण के पुनीत कार्य मे एक पौधा अवश्य लगाएं। प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी दिवाकर वशिष्ठ ने बताया कि वन महोत्सव 7 जुलाई की अवधि मे जनपद में 36.62 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा।
रविवार को चुनावी पैटर्न पर लगभग 85 प्रतिशत पौधों का रोपण कर जियो टैग किया गया है। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी अंकित खंडेलवाल, फारेस्ट कंजरवेटर अदिति शर्मा, पीडी सचिन कुमार, एसडीएम कोल कुंवर बहादुर सिंह, अधिशासी अभियंता लोनिवि अनिल कुमार शर्मा, जय गोपाल पांडेय समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।