साइबर सेल अलीगढ टीम ने आरएएफ 104 बटालियन में साइबर जागरुकता सेमिनार आयोजित की गई। जिसमें ऑनलाइन फ्रॉड कैसे होता है, इससे कैसे बचा जा सकता है, अगर हाे गया है, तो क्या-क्या करना चाहिए, ताकि अपराध पकड़ा जा सके या आपका ठगा हुआ पैसा वापस आ सके।
जैसे-जैसे डिजीटल लेन देन की आदत लोगों में बढ़ रही है, वैसे-वैसे डिजीटल फ्रॉड यानी ऑनलाइन फॉड के मामलों में इजाफा हो रहा है। अगर आप या आपके किसी अपने के साथ धोखाधड़ी से ऑनलाइन फॉड हो गया है, तो घबराने से काम नहीं चलेगा। बस आपको तीन काम बिना समय खराब किए करने होंगे, उसके बाद आपके खाते से धोखाधड़ी कर निकाले गए पैसे वापस आने की संभावना भी बढ़ जाएगी।
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जल्द से जल्द करें ये तीन जरूरी काम
अगर धोखाधड़ी कर आपके खाते से पैसे निकाल लिए गए हैं, तो बिना समय गंवाए तीन काम करना जरूरी है। इनके करने से आपका पैसा वापस आने की संभावना बढ़ जाएगी और साइबर अपराधी भी पकड़ा जा सकता है।
सबसे पहले जिस बैंक में आपका एकाउंट हैं, उस बैंक में जाकर लिखित सूचना दें। साथ ही बैंक के कस्टमर केयर पर फॉन कर कंम्पलेंट को दर्ज कराएं।
साइबर अपराध हेल्पलाईन नम्बर 1930 पर अपने मोबाइल से कॉल कर मामला संज्ञान में लाएं।
साइबर अपराध की घटना होने पर अपने मोबाइल या किसी साइबर कैफे पर जाकर साइबर क्राईम पुलिस पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर भी मामला दर्ज कराएं।
ऐसे होता है ऑनलाइन फ्रॉड
साइबर सेल अलीगढ टीम ने आरएएफ 104 बटालियन, रामघाट रोड में साइबर जागरुकता सेमिनार आयोजित की गई। जिसमें साइबर बुलिंग, लोन एप के माध्यम से फोन का एक्सिस लेकर पैसे माँगना, परिचित बनकर रुपये खाते में डलवाने का बहाना बनाकर ठगी करना, लोटरी व उपहार का लालच देकर ठगी करना, मोबाइल फोन सिम को अपडेट करने के बहाने से बैक खाते व अन्य की जानकारी लेकर ठगी करना, गूगल पर कस्टूमरकेयर का नम्बर सर्च कर बात करने पर ठगी होना, फेसबुक व व्हाटसएप पर दोस्ती कर तथा विडियो काल के द्वारा अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करना, ओ0एल0एक्स तथा फेसबुक पर सामान बेचने व खरीदने के बहाने से ठगी करना जैसे साइबर अपराधो के बारे मे जानकारी दी।
अन्जान नम्बर से परिचित बनकर आने वाली फोन कॉल को पहले अपने फोन से उक्त परिचित के नम्बर पर बात कर लें। अपने मोबाइल फोन सिम को कभी भी आनलाईन अपडेट करवाने वाली फोनकाल से बचे। यदि कभी भी आपको किसी कम्पनी का कस्टमर केयर नम्बर की आवश्यकता होती है, तो सदैव उस कम्पनी की अपनी वास्तविक मेल साईट पर ही जाकर फोन काल नम्बर प्राप्त करें। किसी भी अंजान व्यक्ति से अपना खाता संख्या, पिन, ओटीपी, सीवीवी नम्बर इत्यादि न साझा करें।