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Aligarh: परिवार ने पहचानी सात साल बाद जिंदा मिली बेटी, डीएनए टेस्ट को मिली मंजूरी

Tue, 06 Dec 2022 10:16 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़

सार

अलीगढ़ के ढांठौली गांव की सात साल बाद जिंदा मिली बेटी को परिवार ने पहचान लिया है। मजिस्ट्रेट के समक्ष युवती के बयान दर्ज कराए गए। युवती के परिवार वालों से डीएनए मिलान कराया जाएगा। 
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युवती को कोर्ट में बयान के लिए ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अपने गांव ढांठौली की जिस किशोरी के हत्या के आरोप में विष्णु जेल में है। अब युवती हो चुकी उसी किशोरी को परिवार ने पहचान लिया। सोमवार सुबह युवती को उसके परिवार से गोंडा थाने में मिलवाया गया। इसके बाद युवती को न्यायालय में पेशी के लिए लाया गया।

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जहां अदालत के आदेश पर बयान दर्ज हुए हैं और एडीजे विशेष पॉक्सो तृतीय की अदालत ने मामले में युवती व युवती के मां-बाप के डीएनए का मिलान के आदेश दिए हैं। अब मामले में मंगलवार को पुलिस विवेचक द्वारा युवती के बयानों का अवलोकन किया जाएगा। इसके बाद अग्रिम कार्यवाही तय होगी। बता दें कि अमर उजाला ने इस प्रकरण में रविवार के अंक में प्रमुखता के साथ खुलासा करते हुए खबर प्रकाशित की थी।

पिछले दिनों गोंडा के ढांठौली की सुनीता वृंदावन के एक भागवताचार्य उदय कृष्ण शास्त्री संग एसएसपी मिली थीं। जिसमें उन्होंने बताया कि 17 फरवरी 2015 को गांव की दसवीं में पढ़ने वाली जिस किशोरी के अपहरण और उसकी हत्या कर एत्मादपुर आगरा में फेंके जाने के आरोप में उसका बेटा विष्णु गौतम उर्फ विष्णु पंडित जेल में है। वह आरोप झूठा है। वह लड़की जिंदा है।
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इस मामले में एसएसपी के निर्देश पर अग्रिम विवेचना करते हुए इंस्पेक्टर गोंडा ने युवती बनी इस किशोरी को जिंदा हाथरस के हाथरस गेट थाना क्षेत्र के गांव नगला चोखा से बरामद किया। जहां यह अपना नाम बदलकर दूसरे व्यक्ति संग शादी कर रह रही थी। उसके दो बच्चे भी हैं। युवती से सोमवार को उसके माता-पिता, भाई आदि परिजनों को मिलवाया गया। सभी ने एक दूसरे को देखते ही पहचान लिया।

इसके बाद युवती को न्यायालय लाया गया। चूंकि विष्णु पर दर्ज अपहरण व हत्या का मुकदमा एडीजे विशेष तृतीय वीरेंद्र नाथ पांडेय की अदालत में चल रहा है तो वहां अग्रिम विवेचना की अनुमति के साथ-साथ युवती के बयान कराने और डीएनए कराने संबंधी अनुरोध आवेदन विवेचक इंस्पेक्टर गोंडा उमेश कुमार शर्मा ने दिए। जिस पर न्यायालय ने बयानों की अनुमति दे दी। साथ में युवती व उसके माता-पिता के डीएनए मिलान की भी अनुमति दे दी। इसके बाद मजिस्ट्रेट के समक्ष युवती के कलमबद्ध बयान दर्ज कराए गए।

फिलहाल युवती पुलिस की देखरेख में है। मंगलवार को फिर उसे न्यायालय में लाया जाएगा। जहां विवेचक स्तर से न्यायालय में दर्ज कराए गए बयानों का अवलोकन किया जाएगा। साथ में मां-बाप को बुलाकर तीनों के डीएनए नमूने लेने की प्रक्रिया आदि कराई जाएगी। बयानों के अवलोकन के आधार पर न्यायालय से अनुमति लेकर युवती के भविष्य पर फैसला होगा। सीओ इगलास राघवेंद्र सिंह बताते हैं कि अभी बयान हुए हैं। उनके अवलोकन के बाद आगे कार्यवाही तय होगी और डीएनए आदि कराया जाएगा। बयान अवलोकन के बाद पता चलेगा कि युवती ने क्या कहा है।
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