इस मामले में एसएसपी के निर्देश पर अग्रिम विवेचना करते हुए इंस्पेक्टर गोंडा ने युवती बनी इस किशोरी को जिंदा हाथरस के हाथरस गेट थाना क्षेत्र के गांव नगला चोखा से बरामद किया। जहां यह अपना नाम बदलकर दूसरे व्यक्ति संग शादी कर रह रही थी। उसके दो बच्चे भी हैं। युवती से सोमवार को उसके माता-पिता, भाई आदि परिजनों को मिलवाया गया। सभी ने एक दूसरे को देखते ही पहचान लिया।
इसके बाद युवती को न्यायालय लाया गया। चूंकि विष्णु पर दर्ज अपहरण व हत्या का मुकदमा एडीजे विशेष तृतीय वीरेंद्र नाथ पांडेय की अदालत में चल रहा है तो वहां अग्रिम विवेचना की अनुमति के साथ-साथ युवती के बयान कराने और डीएनए कराने संबंधी अनुरोध आवेदन विवेचक इंस्पेक्टर गोंडा उमेश कुमार शर्मा ने दिए। जिस पर न्यायालय ने बयानों की अनुमति दे दी। साथ में युवती व उसके माता-पिता के डीएनए मिलान की भी अनुमति दे दी। इसके बाद मजिस्ट्रेट के समक्ष युवती के कलमबद्ध बयान दर्ज कराए गए।
फिलहाल युवती पुलिस की देखरेख में है। मंगलवार को फिर उसे न्यायालय में लाया जाएगा। जहां विवेचक स्तर से न्यायालय में दर्ज कराए गए बयानों का अवलोकन किया जाएगा। साथ में मां-बाप को बुलाकर तीनों के डीएनए नमूने लेने की प्रक्रिया आदि कराई जाएगी। बयानों के अवलोकन के आधार पर न्यायालय से अनुमति लेकर युवती के भविष्य पर फैसला होगा। सीओ इगलास राघवेंद्र सिंह बताते हैं कि अभी बयान हुए हैं। उनके अवलोकन के बाद आगे कार्यवाही तय होगी और डीएनए आदि कराया जाएगा। बयान अवलोकन के बाद पता चलेगा कि युवती ने क्या कहा है।