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जेएनयू छात्र अध्यक्ष बालाजी ने पीएम पर बोला हमला, कहा- चौकीदार नहीं, अंबानी के सीईओ लगते हैं मोदी

Thu, 10 Jan 2019 12:07 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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एन साई बालाजी - फोटो : facebook
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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ के अध्यक्ष एन साई बालाजी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चौकीदार नहीं बल्कि अंबानी के सीईओ लगते हैं। उन्होंने देश की संपत्ति को अंबानी एवं अडानी के हाथों बेच दिया है। जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष बुधवार को एएमयू में आए थे। एएमयू छात्र संघ, वीमेंस कॉलेज स्टूडेंट यूनियन एवं जेएन मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अलावा यूनियन हॉल में उन्होंने पत्रकारों से बात की।

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बालाजी ने कहा कि मोदी सरकार को पहला धक्का 2015 में नौजवानों की तरफ मिला था। आखिरी धक्का भी नौजवानों से ही मिलेगा। देश भर के 30 हजार से अधिक युवाओं के साथ 7 फरवरी को दिल्ली में यंग इंडिया अधिकार मार्च का आयोजन किया जा रहा है। एबीवीपी को छोड़कर इसमें कोई भी संगठन शामिल हो सकता है। उन्होंने 22 जनवरी को नेशनल प्रोटेस्ट डे मनाने का आह्वान किया। जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष ने कहा कि छात्र विरोधी एवं जन विरोधी नीतियों के खिलाफ यंग इंडिया नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी का गठन किया गया है। हमारा नारा ‘जुमला नहीं जवाब दो, पांच साल का हिसाब दो’ है। नरेंद्र मोदी ने दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन पूरा नहीं किया। सरकारी विभागों में 24 लाख पद खाली हैं। उन्हें 7 फरवरी तक भरने के लिए नोटिस निकाल दें अन्यथा हम चुप रहने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में आरएसएस के चमचों को वीसी बनाया जा रहा है। 

शगूफा है 10 प्रतिशत आरक्षण
जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष ने कहा कि सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण मात्र शगूफा है। चुनाव के चंद महीने पहले उन्हें यह नजर आया है। आरक्षण देना है तो निजी क्षेत्र में दें। सरकार या तो रोजगार दे या 18 हजार रुपये बेरोजगारी भत्ता दे। उन्होंने केंद्र सरकार से शिक्षा ऋण माफ करने की मांग की। 
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आंदोलन में एएमयू के छात्र निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका
यंग इंडिया अधिकार मार्च में एएमयू छात्र संघ की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। एएमयू वीमेंस कॉलेज स्टूडेंट यूनियन एवं रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने भी आंदोलन को हर तरह का समर्थन देने का एलान किया है। एएमयू छात्र संघ अध्यक्ष सलमान इम्तियाज, उपाध्यक्ष हमजा सूफयान एवं सचिव हुजैफा आमिर ने मोदी सरकार की नीतियों की जमकर आलोचना की और आंदोलन में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेने की घोषणा की। छात्र नेता मुबाशिर ने कहा कि यह सरकार शिक्षा एवं छात्र विरोधी है। आरडीए अध्यक्ष डॉ. अब्दुल्लाह आजमी, सचिव डॉ. सादमा, वीमेंस कॉलेज स्टूडेंट यूनियन की अफरीन फातिमा, नाहिद असद एवं मैमुना अंसारी ने भी आंदोलन को अपना समर्थन दिया। इस अवसर पर सीनियर कैबिनेट शाहरुख हुसैन, निशांत भारद्वाज, सीनियर छात्र मंसूर इलाही आदि मौजूद थे।  

प्रमुख मांगें
रिक्त सरकारी पदों को भरने, सरकारी नौकरी की संख्या में वृद्धि, भर्ती में पेपर लीक एवं भ्रष्टाचार से मुक्ति, बजट का कम से कम 10 प्रतिशत शिक्षा पर खर्च करने, शिक्षा क्षेत्र में फंड एवं सीटों की संख्या में कटौती बंद करने तथा फीस वृद्धि पर रोक लगाने, लिंगभेद की नीति खत्म करने, शिक्षा का भगवाकरण बंद करने तथा शैक्षणिक संस्थानों में अभिव्यक्ति की आजादी सुनिश्चित करना आदि।

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