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मनरेगा : कागजों में बनी सड़कें, ठेकेदार ने लिया भुगतान 

Wed, 28 Nov 2018 01:39 AM IST
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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मनरेगा की तर्ज पर रोजगार गारंटी कार्ड बनाया जाएगा जबकि 170 रुपये प्रतिदिन मजदूरी दी जाएगी।
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करीब डेढ़ साल पहलेे नगर निगम की सीमा में आए 19 गांवों में पिछले एक साल से ग्राम पंचायत निधि के खर्च पर रोक लगी है। लेकिन गांव बरौला जाफराबाद में मनरेगा योजना से दो सड़कें भी बन गईं और प्रधान एवं सचिव को पता तक नहीं चला।
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यहां तक कि सचिव के फर्जी हस्ताक्षरों से भुगतान भी निकाल लिया गया, जबकि यह दोनों सड़कें पहले ही बन चुकी थीं। नेट पर इन दो सड़कों के काम का ब्यौरा देख सचिव हैरत में पड़ गए। उन्होंने तत्काल डीएम, सीडीओ एवं जिला पंचायत राज अधिकारी को सूचना दी। इससे हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सीडीओ ने डीसी मनरेगा को जांच सौंप दी। जांच रिपोर्ट में शिकायत सही जाने पर 24 घंटे में ही आरोपी ठेकेदार से धनराशि वसूल कर ली गई। 

यह है ग्राम पंचायत सचिव का आरोप 
गांव बरौला जाफराबाद के सचिव सुरेश चंद हितैषी ने बताया कि नगर निगम सीमा में आने के बाद गांव में पिछले एक साल से विकास के लिए कोई धनराशि नहीं आई है। गत दिवस वह ब्लाक कार्यालय में बैठे थे और मनरेगा से हुए कामों की फेहरिस्त देख रहे थे तभी उनकी नजर गांव बरौला जाफराबाद में हाल ही में हुए दो इंटरलाकिंग सड़क निर्माण पर पड़ी तो वे भौचक्के रह गए। प्रपत्रों की जांच की तो भुगतान भी होना पाया गया। इसमें अपने फर्जी हस्ताक्षर देखकर मेरी हालत पतली हो गई। मैंने तत्काल प्रधान से संपर्क कर उनके साथ जाकर डीएम, सीडीओ एवं डीपीआरओ से शिकायत की। 
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इन दो सड़कों का काम मैंने अपने 14 माह के कार्यकाल के दौरान पहले ही करा दिया था। इसके बाद ग्राम पंचायत नगर निगम की सीमा में आ गई और मेरी निधि के खर्च होने पर रोक लग गई। इसके बावजूद अफसरों की मिलीभगत से मनरेगा में इन दो सड़कों का निर्माण दिखाकर और भुगतान लेकर लाखों का गबन किया गया है।  
- योगेंद्र बंटी, प्रधान

इन दो सड़कों का कागजों में हुआ निर्माण 
- ठाकुर के घर से सूरजपाल के घर तक इंटरलाकिंग काम-लागत-1.51 लाख 
- चुन्नीलाल के घर से राजवीर के घर तक इंटरलाकिंग काम-2.01 लाख 


गांव बरौला जाफराबाद के सचिव के फर्जी हस्ताक्षरों से मनरेगा में दो सड़कों का कागजों में निर्माण कराकर भुगतान लेने का मामला संज्ञान में आया था। डीसी मनरेगा की जांच में शिकायत सही पाये जाने पर 24 घंटे में ही गबन की राशि ठेकेदार से वसूल ली गई है। अब संबंधित अफसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी है।
- दिनेश चंद्र, मुख्य विकास अधिकारी 


परतापुर के प्रधान व सचिव से होगी गबन की गई राशि की वसूली
गांव परतापुर में पुराने शौचालयों को नया दिखाकर पांच लाख रुपया गबन किये जाने के मामले में प्रधान एवं सचिव से वसूली के आदेश हो गये हैं। सीडीओ दिनेश चंद ने बताया कि दोनों से गबन किया गया पांच लाख रुपया रिकवर करने के आदेश हो गए हैं। दोनों से 50-50 फीसदी राशि वसूली जाएगी। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई है। 
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